वीणा वादिनी साहित्यिक समिति की ओर से आर्य कन्या विद्यालय में शिक्षक दिवस और राजभाषा दिवस के उपलक्ष्य में साहित्यिक एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और हिंदी भाषा के महत्व पर चर्चा के साथ कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर 10 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही नगर के प्रसिद्ध कवि डॉ. प्रभास चन्दर सिंह ‘चन्दर’ की पुस्तक ‘प्रणव कुंज-2’ का विमोचन किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजभाषा के सहायक निदेशक डॉ. काज़िम अहमद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। समिति के अध्यक्ष श्रुतिकान्त भारती ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उपस्थित साहित्यकारों और शिक्षकों से उनका परिचय कराया।
इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 10 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षकों के योगदान और राजभाषा हिंदी के महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

कवि सम्मेलन में गूंजी हिंदी और गुरु के सम्मान में रचनाएं
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें शहर के विभिन्न कवियों और शिक्षकों ने अपनी साहित्यिक रचनाएं प्रस्तुत कीं। कविताओं के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ हिंदी भाषा के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
इसी अवसर पर प्रसिद्ध कवि डॉ. प्रभास चन्दर सिंह ‘चन्दर’ की पुस्तक ‘प्रणव कुंज-2’ का विमोचन किया गया। कवि सम्मेलन का संचालन श्रीमती सुचित्रा चन्द्रा ने किया।
समारोह में डॉ. रेखा शर्मा, सीमा चन्द्रा, निर्मला दीक्षित, विद्या दवे, सुनीता ऋषि, श्रद्धा तिवारी, पद्मा टकसाली, डॉ. मुमताज सुल्ताना, श्रीमती श्रद्धा रानी, प्रदीप जाजू, सत्यनारायण शर्मा, शीतला ममता, दामिनी जायसवाल, सीमा जायसवाल और उमा तिकारी सहित कई साहित्यकारों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के परामर्शदाता प्रदीप जाजू का विशेष योगदान रहा। साहित्यिक प्रस्तुतियों, पुस्तक विमोचन और शिक्षक सम्मान के साथ समारोह संपन्न हुआ।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट