Thursday, October 8, 2026
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तेलंगाना विधानसभा में हंगामे के बाद सियासत गरम, BRS नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा टकराव

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना विधानसभा के पहले दिन हुए हंगामे के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के बीच तनाव और बढ़ गया। विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में BRS के दो एमएलसी टी. मधुसूदन राव उर्फ टाटा मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी की गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारायणगुड़ा थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन पर चढ़े कार्यकर्ताओं को सैफाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

इसी राजनीतिक टकराव के बीच BRS के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। KTR ने आरोप लगाया कि पुलिस कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के आवास की ओर जाने की अनुमति दे रही है, जबकि BRS कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

दो एमएलसी की गिरफ्तारी पर BRS का प्रदर्शन

टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कथित टिप्पणियों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, टाटा मधु को मंगलवार सुबह हिरासत में लेकर नारायणगुड़ा थाने लाया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत के लिए नामपल्ली स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

CM ने स्पीकर से मुलाकात कर जताया समर्थन

विधानसभा में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार से उनके कक्ष में मुलाकात की। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिन सदन में हुई घटनाओं पर खेद जताते हुए अध्यक्ष को सरकार के समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि कथित अनुशासनहीनता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधानसभा के नियमों और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस ने लगाया संसदीय मर्यादा तोड़ने का आरोप

सत्तारूढ़ कांग्रेस का आरोप है कि विधानसभा में बहस के दौरान BRS नेताओं ने अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और सदन की गरिमा का उल्लंघन किया। कथित निजी टिप्पणियों के बाद अध्यक्ष के भावुक होने की घटना ने विवाद को और गहरा कर दिया। इसके बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और टकराव तेज हो गया है।

विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट

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