Table of Contents

जम्मू-कश्मीर में इस साल आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें 19 आतंकवादी, दो सुरक्षाकर्मी और दो नागरिक शामिल हैं। अक्टूबर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। इसके साथ ही इस महीने आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में मारे गए आतंकियों की संख्या दो हो गई है।
पुलिस के मासिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर के बीच कुल 21 आतंकवाद संबंधी घटनाएं दर्ज की गईं। इस दौरान फरवरी में सबसे अधिक छह आतंकवादी मारे गए, जबकि सितंबर में पांच आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया। अक्टूबर में हुई मुठभेड़ के बाद आतंकियों के मारे जाने का आंकड़ा 19 पहुंच गया।
अक्टूबर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम
अधिकारियों के मुताबिक, 17 अक्टूबर को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरान सेक्टर में सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश विफल कर दी थी। यह कार्रवाई केलांडी के पास जुमगुंड इलाके में हुई। जवानों ने नियंत्रण रेखा के नजदीक संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठ की कोशिश कर रहे लोगों को चुनौती दी।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच करीब 10 से 15 मिनट तक गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध घुसपैठिए अंधेरे की आड़ में सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।
फरवरी और सितंबर में सबसे ज्यादा आतंकी मारे गए
पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल की शुरुआत जनवरी में तीन आतंकवाद संबंधी घटनाओं के साथ हुई। इस दौरान एक आतंकवादी और एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई। फरवरी में भी तीन घटनाएं दर्ज की गईं, लेकिन इस महीने छह आतंकवादी मारे गए। यह किसी एक महीने में आतंकियों की मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।
मार्च में दो घटनाओं में दो आतंकवादी मारे गए। अप्रैल और मई में एक-एक घटना दर्ज हुई और दोनों महीनों में एक-एक आतंकी मारा गया। जून में किसी आतंकवादी घटना या मौत की सूचना नहीं मिली।
जुलाई में हिंसा का असर नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों पर भी पड़ा। इस महीने तीन घटनाओं में दो नागरिक, एक सुरक्षाकर्मी और एक आतंकवादी की मौत हुई। वहीं, अगस्त में किसी घटना या मौत का रिकॉर्ड नहीं रहा।
सितंबर में फिर आतंकवादी गतिविधियां बढ़ीं। इस दौरान चार घटनाओं में पांच आतंकवादी मारे गए। इस तरह फरवरी के बाद सितंबर आतंकियों के लिए सबसे घातक महीना रहा।
2026 में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं का मासिक ब्योरा
| महीना | घटनाएं | नागरिकों की मौत | सुरक्षाकर्मियों की मौत | आतंकियों की मौत | कुल मौतें |
|---|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 3 | 0 | 1 | 1 | 2 |
| फरवरी | 3 | 0 | 0 | 6 | 6 |
| मार्च | 2 | 0 | 0 | 2 | 2 |
| अप्रैल | 1 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| मई | 1 | 0 | 0 | 1 | 1 |
| जून | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 |
| जुलाई | 3 | 2 | 1 | 1 | 4 |
| अगस्त | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 |
| सितंबर | 4 | 0 | 0 | 5 | 5 |
| अक्टूबर | 1 | 0 | 0 | 2 | 2 |
| कुल | 21 | 2 | 2 | 19 | 23 |
<text color=”secondary” size=”xs”>स्रोत: जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपलब्ध आंकड़े</text>
LoC पर निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल पर जोर
श्रीनगर में तैनात एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि नियंत्रण रेखा पर सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित घुसपैठ की कोशिशों पर लगातार नजर रख रही हैं। उनके मुताबिक, आतंकवादी संगठनों को सीमा पार करने से रोकने के लिए खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान, घुसपैठ रोधी अभियान और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय अहम है।
अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा अभियान समय पर मिलने वाली खुफिया जानकारी और अग्रिम मोर्चों पर तैनात जवानों के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करते हैं।
उपराज्यपाल ने आतंकवादी नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने को कहा
इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर संभाग की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उपायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सिन्हा ने आतंकवादी नेटवर्क और उन्हें मदद पहुंचाने वाले तंत्र के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया।
उन्होंने घुसपैठ रोकने के उपाय मजबूत करने के साथ जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। अधिकारियों को प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों पर नजर रखने और कट्टरपंथ रोकने के प्रयासों को प्राथमिकता देने को भी कहा गया।
बैठक में नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। उपराज्यपाल ने आतंकवादियों और उन्हें आर्थिक या अन्य सहायता देने वालों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की हर महीने समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही नशे के कारोबार में शामिल तस्करों और विक्रेताओं के खिलाफ अभियान जारी रखने को कहा।









