Wednesday, October 7, 2026
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तेलंगाना में विधानसभा सत्र से पहले BRS का बड़ा ऐलान, सिंचाई परियोजनाओं पर जनआंदोलन करेंगे KCR

by उर्वशी शेखर
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तेलंगाना में सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने घोषणा की है कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव कालेश्वरम और पालमुरु-रंगा रेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को लेकर सरकार की कथित उदासीनता के खिलाफ आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

यह फैसला रविवार को एर्रावल्ली स्थित केसीआर के फार्म हाउस पर उनकी अध्यक्षता में हुई BRS विधायक दल की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद विधानसभा में पार्टी के उपनेता टी. हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर दोनों प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

कालेश्वरम में पानी होने के बावजूद किसानों को नहीं मिल रहा लाभ: हरीश राव

हरीश राव ने दावा किया कि कालेश्वरम परियोजना में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद कांग्रेस सरकार उसका इस्तेमाल कर किसानों तक पानी पहुंचाने में रुचि नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस रवैये का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।

पालमुरु-रंगा रेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। हरीश राव के अनुसार, BRS शासन के दौरान परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। उनका दावा है कि शेष कार्य पूरा होने के बाद परियोजना से करीब 60 टीएमसी पानी उपलब्ध कराया जा सकता था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से इसे आगे नहीं बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं के मुद्दे को BRS विधानसभा के बाहर भी मजबूती से उठाएगी और केसीआर खुद बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

विधानसभा में कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

हरीश राव ने बताया कि आगामी सत्र के दौरान BRS किसानों, छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएगी। इनमें कृषि भूमि को धारा 22-A के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने, बिजली कटौती और कथित तौर पर कर्जमाफी योजना के अपेक्षित परिणाम नहीं देने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।

इसके अलावा पार्टी पॉलिटेक्निक जीओ 97 को वापस लेने, सिंगरेनी से जुड़े कथित घोटाले तथा PRC, DA और EHS से संबंधित मांगों को भी सदन में उठाएगी। फीस प्रतिपूर्ति की बकाया राशि का मुद्दा भी BRS के एजेंडे में है। हरीश राव ने कहा कि करीब 30 लाख छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति से जुड़ी राशि का भुगतान सरकार के सामने गंभीर सवाल खड़ा करता है।

KCR के विधानसभा नहीं आने पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब

केसीआर के विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर भी हरीश राव ने पलटवार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को ऐसी बयानबाजी सुनने के लिए सदन में मौजूद रहने की जरूरत नहीं है।

हरीश राव ने अपने तर्क के समर्थन में एनटीआर, जयललिता और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अतीत में इन नेताओं ने भी विधानसभा में अपमान का सामना करने के बाद सदन से दूरी बनाई, जनता के बीच गए और बाद में जनादेश हासिल कर सत्ता में लौटे। उनके मुताबिक, केसीआर भी इसी राजनीतिक रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं।

भाई की सुरक्षा को लेकर भी रेवंत सरकार पर निशाना

हरीश राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर विपक्ष के नेता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जहां नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा पर होने वाले खर्च को लेकर चिंता जताते हैं, वहीं उनके भाई तिरुपति रेड्डी की सुरक्षा के लिए चार गनमैन तैनात किए गए हैं और इस पर कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

हरीश राव ने यह भी सवाल उठाया कि तिरुपति रेड्डी के पास वार्ड सदस्य तक का पद नहीं है, फिर भी उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दी गई है। BRS ने संकेत दिया है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से इन सभी मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा।

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