JPSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में जेल में बंद अभय तिवारी को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने CID कांड संख्या 16/2026 में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान CID ने जमानत का विरोध करते हुए अभय तिवारी को मामले का प्रमुख आरोपी बताया। जांच एजेंसी का कहना था कि आरोपी का प्रभावशाली लोगों से संपर्क रहा है और जेल से बाहर आने पर वह जांच को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर सकता है।

CID के अनुसार, TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर रहते हुए अभय तिवारी ने कथित तौर पर कई अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली थी। जांच में उसके रिश्तेदारों समेत अन्य लोगों से भी कथित आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आने का दावा किया गया।
मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। अब जमानत अर्जी खारिज होने के साथ अभय तिवारी की न्यायिक हिरासत जारी रहेगी।
JPSC भर्ती अनियमितता मामले में इससे पहले आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की जमानत याचिका भी अदालत खारिज कर चुकी है।