तेलंगाना विधानसभा में बुधवार को कानून-व्यवस्था और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर की ओर से महिला विधायकों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और पार्टी प्रमुख के. चंद्रशेखर राव को मिली कथित धमकियों पर चर्चा की मांग की गई थी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीआरएस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा, लेकिन विरोध जारी रहा। इसके बाद विधायी मामलों के मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू ने निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे अध्यक्ष ने मंजूरी दे दी। बीआरएस के 22 विधायकों को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के बाद बीआरएस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा। पार्टी का आरोप है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो रही है और इन मुद्दों पर सदन में तत्काल चर्चा जरूरी है।

हंगामे के बीच तेलंगाना पंचायत राज (चौथा संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश किए जाने की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। कार्यसूची के अनुसार पहले प्रश्नकाल और उसके बाद सरकारी कामकाज होना था, लेकिन बीआरएस विधायकों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
निलंबित विधायकों में केटीआर के अलावा अनिल जाधव, टी. हरीश राव, गुंतकंडला जगदीश्वर रेड्डी, गांगुला कमलाकर, कौशिक रेड्डी, माधवरम कृष्ण राव, कोवा लक्ष्मी, कोनिंती माणिक राव, चिंटा प्रभाकर, कोठा प्रभाकर रेड्डी, प्रशांत रेड्डी वेमुला, मरी राजशेखर रेड्डी, कलवकुंतला संजय, तलसानी श्रीनिवास यादव, देविरेड्डी सुधीर रेड्डी, वकिनि सुनीता लक्ष्मा रेड्डी, कलवकुंतला तारक रामा राव, कलेरू वेंकटेश, विजायुडु और केपी विवेकानंद समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।