Thursday, October 8, 2026
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झारखंड की भू-वैज्ञानिक जांच होगी और हाईटेक, हजारीबाग लैब में लगेगी आधुनिक प्रेस पैलेट मशीन

by उर्वशी शेखर
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झारखंड में खनिज अन्वेषण और भू-वैज्ञानिक नमूनों के वैज्ञानिक परीक्षण को अधिक सटीक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत हजारीबाग स्थित राज्य भू-वैज्ञानिक प्रयोगशाला में अत्याधुनिक प्रेस पैलेट मशीन स्थापित की जाएगी। मशीन की आपूर्ति, इंस्टॉलेशन और परीक्षण के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

नई मशीन के जरिए खनिज नमूनों को विश्लेषणात्मक उपकरणों में जांच के लिए उपयुक्त आकार और स्वरूप में तैयार किया जा सकेगा। इससे नमूनों की तैयारी में एकरूपता आने के साथ-साथ भू-वैज्ञानिक और खनिज संबंधी परीक्षणों की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।

40 टन तक दबाव देने में सक्षम होगी मशीन

प्रस्तावित उपकरण डिजिटल डिस्प्ले और PLC आधारित नियंत्रण प्रणाली से लैस होगा। इसमें जरूरत के अनुसार 5 से 40 टन तक दबाव को नियंत्रित करने की सुविधा होगी, जबकि हाइड्रोलिक सिस्टम 250 बार तक दबाव संभाल सकेगा।

यह मशीन अलग-अलग प्रकार के खनिज और चट्टानी नमूनों के लिए उपयोगी होगी। इसमें बॉक्साइट, चूना पत्थर, लौह अयस्क, टिन और विभिन्न प्रकार की चट्टानों से तैयार किए गए पाउडर नमूनों को विश्लेषण के लिए छर्रे के रूप में तैयार किया जा सकेगा।

मशीन में 3 HP, 415 वोल्ट की थ्री-फेज इंडक्शन मोटर लगाई जाएगी। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंटरलॉक जैसी व्यवस्थाएं भी उपकरण का हिस्सा होंगी।

10 साल तक स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता जरूरी

उपकरण की खरीद में सिर्फ मशीन की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि उसके लंबे समय तक संचालन और रखरखाव को भी महत्व दिया गया है। चयनित आपूर्तिकर्ता को कम से कम दो वर्ष की मानक वारंटी देनी होगी।

इसके साथ ही कंपनी को कम से कम 10 वर्षों तक स्पेयर पार्ट्स और जरूरी उपभोग्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दायित्व लेना होगा। मशीन की स्थापना पूरी होने के बाद हजारीबाग स्थित प्रयोगशाला के कर्मचारियों को मौके पर संचालन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

टेंडर के लिए तय की गईं वित्तीय और तकनीकी शर्तें

मशीन की आपूर्ति के लिए बोली लगाने वाली एजेंसी के औसत वार्षिक कारोबार का न्यूनतम स्तर 50 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, मूल उपकरण निर्माता यानी OEM का औसत वार्षिक टर्नओवर कम से कम 1 करोड़ रुपये होना जरूरी होगा।

तकनीकी पात्रता के तहत बोलीदाता के पास वैध ISO 9001 और ISO 14001 प्रमाणपत्र भी होना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी सरकारी या अन्य संगठन द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं किए जाने से संबंधित नोटरीकृत शपथ पत्र भी जमा करना होगा।

नई मशीन के आने से राज्य भू-वैज्ञानिक प्रयोगशाला में खनिज नमूनों की वैज्ञानिक तैयारी और विश्लेषण की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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