रांची से कोलकाता की यात्रा कर रहे झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रंजन प्रसाद सिन्हा कथित नशाखुरानी गिरोह की वारदात का शिकार हो गए। आरोप है कि अंतरराज्यीय बस में एक सहयात्री ने उन्हें चाय पिलाई, जिसके बाद वे बेहोश हो गए। कोलकाता पहुंचने के बाद उन्हें बाबूघाट इलाके में सड़क किनारे बेसुध हालत में छोड़ दिया गया। होश में आने पर उनके पास से सोने के आभूषण और 15 हजार रुपये नकद गायब मिले। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, रंजन प्रसाद सिन्हा के साले शक्ति शरण कोलकाता के बीएम बिड़ला हार्ट अस्पताल में इलाजरत हैं और 10 सितंबर को उनका हृदय संबंधी ऑपरेशन निर्धारित था। इसी वजह से अधिवक्ता 7 सितंबर को रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड से श्री साईं बस में सवार होकर कोलकाता रवाना हुए थे।
यात्रा शुरू होने के समय उन्हें सीट नंबर 15 दी गई थी, लेकिन बाद में उनकी सीट बदलकर 11 कर दी गई। बस जब जमशेदपुर के पास रॉयल लोलो लाइन होटल में रुकी, तभी बगल में बैठे एक यात्री ने उनसे बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसने चाय पीने की पेशकश की।
अधिवक्ता ने चाय लेने से इनकार किया, लेकिन उनके मुताबिक सहयात्री ने दबाव बनाते हुए चाय का कुल्हड़ उन्हें पकड़ा दिया। चाय की महज एक-दो घूंट पीने के कुछ समय बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद कथित तौर पर उनके सामान से कीमती वस्तुएं निकाल ली गईं।

अगली सुबह बस कोलकाता के बाबूघाट पहुंची, लेकिन अधिवक्ता अब भी होश में नहीं थे। परिवार के लोग लगातार उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक राहगीर ने फोन उठाया और वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को उनकी स्थिति दिखाई। वह बाबूघाट के पास सड़क किनारे बेहोश पड़े थे।
सूचना मिलने पर कोलकाता में मौजूद उनके रिश्तेदार और पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद होश आने पर पूरी घटना सामने आई। सामान की जांच में दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और 15 हजार रुपये नकद गायब मिले।
मामले की जांच के तहत पुलिस अब बस से जुड़े लोगों और यात्रियों से जानकारी जुटा रही है। चालक, खलासी और टिकट बुकिंग से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। जमशेदपुर के रॉयल लोलो लाइन होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
इसके अलावा सीट नंबर 11 के आसपास यात्रा करने वाले यात्रियों की सूची जुटाकर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आरोपी सहयात्री का संभावित हुलिया तैयार कराने की प्रक्रिया में भी जुटी है। मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।