पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर झारखंड भाजपा की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, उनके विचारों और समाज के वंचित तबकों के लिए उनके योगदान को याद किया।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज के उन वर्गों को केंद्र में रखता था, जो विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गए थे। उनके अनुसार, दीनदयाल उपाध्याय का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना था।
आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को नीतियों और योजनाओं के माध्यम से लागू करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीब, शोषित और वंचित वर्गों तक पहुंच रहा है।
‘त्याग और सेवा से भरा रहा दीनदयाल का जीवन’
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन को राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपना पूरा जीवन सामाजिक सेवा और वैचारिक कार्यों में लगाया।

मरांडी ने कहा कि अंत्योदय की अवधारणा, एकात्म मानववाद और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ जैसे विचारों के माध्यम से दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान पर जोर दिया। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
कर्मवीर सिंह ने संघर्षपूर्ण जीवन को किया याद
भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने दीनदयाल उपाध्याय के प्रारंभिक जीवन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में माता-पिता को खोने के बावजूद दीनदयाल उपाध्याय ने कठिन परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहे।
कर्मवीर सिंह के मुताबिक, वर्ष 1937 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी राष्ट्रवादी विचारों को लोगों तक पहुंचाने का काम किया और ‘राष्ट्रधर्म’ तथा ‘पांचजन्य’ जैसी पत्रिकाओं से जुड़े रहे।
उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक विभाजन और जातिगत संकीर्णताओं से ऊपर उठकर समाज को एकजुट करने की बात करते थे। कर्मवीर सिंह ने कार्यकर्ताओं से उनके विचारों और सिद्धांतों को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और बालमुकुंद सहाय, महामंत्री गणेश मिश्रा, मनोज सिंह और अमर कुमार बाउरी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। रांची के विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, अमरदीप यादव, सुनीता सिंह और शालिनी बैसिखियार समेत अन्य नेताओं ने भी दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कार्यालय मंत्री हेमंत दास, सूरज चौरसिया, मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, शोभा यादव, केके गुप्ता, उपमेयर नीरज कुमार सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।