झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण आजीविका, पोषण और विशेष लक्षित वर्गों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 79.22 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा SNA-स्पर्श पोर्टल के तहत प्रशासनिक एवं मदवार स्वीकृति आदेशों के माध्यम से जारी की गई है।
सरकार के इस वित्तीय प्रावधान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को मजबूत करना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना और अनुसूचित जाति, जनजातीय समुदायों समेत अन्य लक्षित समूहों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

आजीविका और ग्रामीण विकास के लिए 35.42 करोड़
आजीविका एवं ग्रामीण विकास योजना के तहत कुल 35,42,27,000 रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का वर्गवार आवंटन इस प्रकार है:
- जनजातीय उप-योजना (TSP): 15,05,15,180 रुपये
- अन्य विशेष योजनाएं/सामान्य (OSP): 15,05,15,180 रुपये
- अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP): 10,38,57,640 रुपये
इस प्रावधान के जरिए ग्रामीण आबादी के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और आजीविका के साधनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

आजीविका टॉपअप के लिए 43.80 करोड़
सरकार ने आजीविका-टॉपअप योजना के लिए भी 43,80,12,000 रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके तहत विभिन्न लक्षित श्रेणियों के लिए राशि निर्धारित की गई है।
- TSP: 10,58,51,460 रुपये
- OSP: 10,58,51,460 रुपये
- SCSP: 7,29,97,080 रुपये
इसके अतिरिक्त सहायक प्रशासनिक एवं क्षमतावर्धन प्रावधान के लिए 14,83,12,000 रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इन वित्तीय प्रावधानों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आय के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की क्षमता भी मजबूत होगी। खासतौर पर लक्षित सामाजिक समूहों तक आजीविका और पोषण संबंधी सहायता पहुंचाने में यह राशि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।