Wednesday, October 7, 2026
Home » तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित, पांच दिन काम करने की मांग पर बनी सहमति की उम्मीद

तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित, पांच दिन काम करने की मांग पर बनी सहमति की उम्मीद

by उर्वशी शेखर
0 comments

देशभर में सोमवार से प्रस्तावित बैंकों की तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ बातचीत में मांगों के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी राहत मिली है। सोमवार से बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहेगा।

बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच 27 सितंबर की रात हुई बातचीत के बाद हड़ताल स्थगित करने पर सहमति बनी। रात करीब 9:30 बजे UFBU ने सर्कुलर जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी।

बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और अधिकारियों के लिए प्रस्तावित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से जुड़ी आपत्तियां शामिल थीं।

दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। यूनियनों के अनुसार, सभी संभावित विकल्पों पर विचार करने और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जो कर्मचारियों, बैंक प्रबंधन और ग्राहकों के लिए स्वीकार्य हो।

पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था प्रमुख मांग

बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। यूनियनें चाहती हैं कि शनिवार और रविवार को सभी बैंक कर्मचारियों के लिए नियमित साप्ताहिक अवकाश घोषित किया जाए।

यूएफबीयू हिमाचल प्रदेश के संयोजक और बैंकर्स यूनाइटेड फोरम ऑफ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा के अनुसार, सरकार के साथ हुए समझौते को ढाई साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कई महत्वपूर्ण वादे अब भी पूरे नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण बैंक यूनियनों को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा करनी पड़ी थी।

PLI योजना पर भी दोबारा होगी चर्चा

बैठक में स्केल IV और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना का मुद्दा भी उठाया गया। बैंक यूनियनों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई है।

बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन योजना में आवश्यक संशोधनों को लेकर सरकार के समक्ष प्रस्ताव रख सकता है। इसके लिए यूनियनों और संबंधित एसोसिएशनों के साथ चर्चा की जाएगी, ताकि उनकी आपत्तियों का समाधान निकाला जा सके।

इसके अलावा 8 मार्च 2024 को हुए समझौते में दर्ज अन्य लंबित मांगों पर भी जल्द बातचीत आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।

ग्राहकों को परेशानी से बचाना भी प्राथमिकता

नरेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का उद्देश्य ग्राहकों को असुविधा पहुंचाना नहीं है। यूनियनें समझती हैं कि बैंकिंग सेवाएं बाधित होने से आम नागरिकों और कारोबारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि समझौते में किए गए वादों को लंबे समय तक लंबित रखने के कारण कर्मचारियों को अपनी मांगें उठाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। फिलहाल IBA से मिले आश्वासन के बाद UFBU ने प्रस्तावित आंदोलन और तीन दिवसीय हड़ताल स्थगित कर दी है।

हड़ताल वापस लेने के फैसले के बाद सोमवार से बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज जारी रहेगा। ग्राहकों को नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए हड़ताल के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और PLI योजना से संबंधित मांगों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इन मुद्दों का समाधान आगामी बैठकों और सरकार के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।

You may also like

Leave a Comment