Thursday, October 8, 2026
Home » हजारीबाग स्टील प्लांट में हाइवा की चपेट में आने से मजदूर की मौ*त; मुआवजे और नौकरी को लेकर देर रात तक हंगामा

हजारीबाग स्टील प्लांट में हाइवा की चपेट में आने से मजदूर की मौ*त; मुआवजे और नौकरी को लेकर देर रात तक हंगामा

by उर्वशी शेखर
0 comments

हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र में स्थित चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में मंगलवार शाम एक गंभीर औद्योगिक हादसे में 45 वर्षीय मजदूर नरेश महतो की जान चली गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और साथी मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। मांग पूरी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया गया, जिसके चलते देर रात तक प्लांट परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।

नरेश महतो मांडू थाना क्षेत्र के बलसागरा स्थित पतरवा टोला का निवासी था और लंबे समय से चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में कार्यरत था। बताया गया कि वह प्लांट के इंगोट विभाग में काम करता था। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे विभाग के भीतर गर्मी अधिक महसूस होने पर वह बाहर की ओर निकला। इसी दौरान 22 चक्का हाइवा (JH 02 BM 9340) की चपेट में आ गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

करीब 25 साल से प्लांट में कर रहा था काम

हादसे की सूचना मिलने के बाद नरेश के परिवार के सदस्य, सहकर्मी और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्लांट पहुंचे। परिजनों के मुताबिक नरेश करीब 25 वर्षों से यहां काम कर रहा था। उसके परिवार में दो पत्नियां और दो बच्चे हैं। कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने कंपनी से आर्थिक सहायता के साथ परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक शव को वहां से नहीं हटाया जाएगा।

कुछ मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने हाइवा चालक पर वाहन चलाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि चालक नशे की हालत में था। हालांकि, चालक के नशे में होने की बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

हादसे के बाद मजदूरों ने प्लांट में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए। कुछ मजदूरों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों और वेतन से जुड़े नियमों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्लांट में सेफ्टी इंजीनियर की उपलब्धता और लेबर कोड के प्रावधानों के अनुपालन पर भी सवाल उठाए हैं।

जनप्रतिनिधियों ने प्रबंधन से की बातचीत

घटना की जानकारी मिलने के बाद रामगढ़ विधायक ममता देवी, मांडू विधायक निर्मल महतो, भाजपा नेता शिवलाल महतो समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को रोजगार देने की मांग रखी। साथ ही औद्योगिक परिसर में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

वहीं, कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि प्लांट में निर्धारित सुरक्षा एवं अन्य नियमों का पालन किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार, मंगलवार को कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया गया था और नरेश भी वेतन मिलने के बाद रकम गिनते हुए बाहर की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह हाइवा की चपेट में आ गया।

फिलहाल पुलिस ने दुर्घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

You may also like

Leave a Comment