MMDR कानून को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि राज्य की जनता कानून के संभावित प्रभावों को समझ रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और प्राकृतिक संसाधनों से होने वाले आर्थिक लाभ में राज्य के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा कोई प्रावधान स्वीकार नहीं किया जा सकता जिससे झारखंड के राजस्व, रोजगार और विकास योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़े।
आलोक दूबे ने कहा कि MMDR कानून का प्रभाव केवल खनन क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध राज्य की अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के हितों से भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सफाई के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
2 अक्टूबर से आंदोलन
कांग्रेस महासचिव ने बताया कि 2 अक्टूबर से SIR और MMDR कानून के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान फिर शुरू किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता गांव से लेकर जिला और राज्य स्तर तक लोगों के बीच जाकर इन मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह अभियान झारखंड के राजस्व, प्राकृतिक संसाधनों और आर्थिक हितों की रक्षा से जुड़ा है। कांग्रेस जनता के हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।