चारा घोटाले की जांच के दौरान जब्त की गई 1.33 करोड़ रुपये की राशि अब झारखंड सरकार को हस्तांतरित की जाएगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने इस रकम को राज्य सरकार के हवाले करने का आदेश दिया है। यह राशि चारा घोटाले के आरोपी और मामले में प्रमुख सप्लायर के रूप में चिह्नित किए गए दीपेश चांडक के ठिकानों से जांच एजेंसी ने बरामद की थी।
मामले की जांच के दौरान तत्कालीन सीबीआई अधिकारी एके झा के नेतृत्व में चांडक के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसी कार्रवाई के दौरान कोलकाता स्थित उसकी आटा मिल से करीब 1.303 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। बाद में जब्त रकम को अपने कब्जे में रखने और कुर्क करने को लेकर सीबीआई ने अदालत में याचिका दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उस समय जांच से जुड़े रहे सीबीआई अधिकारी एके झा को उपस्थित होकर मामले की जानकारी देने का निर्देश दिया। आदेश के तहत अदालत पहुंचे अधिकारी ने छापेमारी और बरामदगी से संबंधित तथ्यों की जानकारी दी। इसके बाद कोर्ट ने जब्त रकम को राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश जारी किया।

एप्रुवर बनाए जाने पर भी हुआ था विवाद
चारा घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई ने दीपेश चांडक को एप्रुवर (सरकारी गवाह) बनाया था। उसे एप्रुवर बनाए जाने के फैसले को लेकर कानूनी विवाद भी खड़ा हुआ था। हालांकि, इस मामले में सीबीआई को अदालत से राहत मिली थी।
फिलहाल जब्त रकम स्टेट बैंक में जमा है। अदालत के आदेश के बाद जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद 1.33 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दी जाएगी।