झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच अब सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। पिछले करीब दो महीनों से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और जांच को लेकर मामला लगातार सुर्खियों में है। एक ओर CID की विशेष टीमें संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों ने परीक्षार्थियों के बीच चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
इसी क्रम में वायरल हो रहे एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिना किसी अधिकारी का नाम लिए एक प्रशासनिक पद पर तैनात व्यक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया है कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़े कथित सॉल्वर नेटवर्क में एक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका थी और उसके खिलाफ पूर्व में इनाम घोषित किया गया था। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में झारखंड में SDM के पद पर कार्यरत है।
सोशल मीडिया दावे ने खड़े किए कई सवाल
वायरल पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि कथित सॉल्वर नेटवर्क का एक प्रमुख व्यक्ति अब तक जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है। पोस्ट में उसके खिलाफ पूर्व में 25 हजार रुपये के इनाम की बात भी कही गई है। साथ ही यह दावा किया गया है कि उक्त व्यक्ति पर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले रहे हैं और वह वर्तमान में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहा है।

पोस्ट सामने आने के बाद परीक्षार्थियों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस दावे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि लगाए गए आरोप सही हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई और उसकी वर्तमान प्रशासनिक नियुक्ति की पृष्ठभूमि क्या है।
जांच के बीच सोशल मीडिया दावों की विश्वसनीयता अहम
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पोस्ट में किसी अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है और न ही आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या जांच एजेंसी का बयान सार्वजनिक रूप से सामने रखा गया है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। JPSC और JSSC-CGL विवाद से जुड़े मामलों में CID की जांच जारी है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के आधार पर ही किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
फिलहाल वायरल पोस्ट ने परीक्षा विवाद के बीच एक नया सवाल जरूर खड़ा कर दिया है; क्या पुराने परीक्षा घोटालों या कथित सॉल्वर नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी मौजूदा जांच के दौरान पड़ताल होगी? इसका जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट हो सकेगा।