झारखंड के सरकारी छात्रावासों में रहने वाले हजारों छात्रों के लिए सरकार ने भोजन की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है। कल्याण विभाग के हॉस्टलों में रहने वाले 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जनवरी से मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सरकार प्रत्येक छात्र पर हर महीने करीब 3,000 रुपये खर्च करेगी।
राज्य में कल्याण विभाग के तहत करीब 540 छात्रावास संचालित हैं। इनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थी रहते हैं।
अब तक इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को अपने भोजन का इंतजाम खुद करना पड़ता था। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को परेशानी होती थी। सरकार ने इसी समस्या को देखते हुए छात्रावास परिसर में ही भोजन उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है।
जिला स्तर पर होगा टेंडर
भोजन उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था जिला स्तर पर की जाएगी। इसके लिए संबंधित जिलों में टेंडर निकाले जाएंगे और चयनित एजेंसी को भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जिम्मेदारी दी जाएगी।

योजना में कर्मचारियों की संख्या को लेकर भी प्रावधान किया गया है। हर 100 छात्रों पर कम से कम तीन कर्मचारी तैनात करने होंगे। इसका उद्देश्य भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के साथ छात्रों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाना उपलब्ध कराना है।
नाश्ते से रात के भोजन तक की व्यवस्था
कल्याण विभाग की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत छात्रों को दिन में तीन बार भोजन दिया जाएगा। इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का भोजन शामिल रहेगा।
सरकार का उद्देश्य छात्रावास में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को भोजन की चिंता से राहत देना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित भोजन मिल सके।
जनवरी से शुरू होने वाली यह व्यवस्था राज्य के 25 हजार से अधिक छात्रों को सीधे लाभ पहुंचाएगी।