Tuesday, October 6, 2026
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हाईकोर्ट को गलत जानकारी देना दुमका नगर थाना प्रभारी को पड़ा भारी, DIG ने किया सस्पेंड

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दुमका नगर थाना प्रभारी अशोक राम को झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष जब्त वाहन को लेकर गलत और विरोधाभासी जानकारी देना महंगा पड़ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संथाल परगना रेंज के डीआईजी अंबर लकड़ा ने एसपी की अनुशंसा पर अशोक राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद उन्हें पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

नगर थाना में नए प्रभारी की नियुक्ति होने तक मुफस्सिल थाना प्रभारी जगन्नाथ धान को नगर थाना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

पांच साल पहले जब्त हुई थी बाइक

मामला करीब पांच वर्ष पुराना है। नगर थाना पुलिस ने थाना के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले विमान काहली की मोटरसाइकिल जब्त की थी। वाहन का परिवहन विभाग की ओर से चालान भी किया गया था। हालांकि, वाहन मालिक ने उस समय न्यायालय के माध्यम से बाइक रिलीज कराने की प्रक्रिया नहीं अपनाई।

कुछ समय पहले विमान काहली ने अपनी बाइक वापस पाने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दुमका नगर थाना से वाहन की मौजूदा स्थिति की जानकारी और विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

कोर्ट में दी गई रिपोर्ट पर उठे सवाल

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर थाना की ओर से रिपोर्ट भेजी गई। इसमें थाना प्रभारी अशोक राम ने बताया कि संबंधित नंबर की मोटरसाइकिल थाना परिसर अथवा पुलिस के कब्जे में नहीं है।

बाद में पुलिस को वही मोटरसाइकिल थाना परिसर से ही बरामद हो गई। इसके बाद पहले दी गई रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए। अदालत को वाहन के संबंध में गलत जानकारी दिए जाने और बाद में उसी बाइक के थाना परिसर में मिलने को अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना।

एसपी की रिपोर्ट पर DIG ने की कार्रवाई

मामले की जानकारी दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार को मिलने के बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर संथाल परगना रेंज के डीआईजी अंबर लकड़ा को भेजी। एसपी ने थाना प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।

रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी ने अशोक राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को हाईकोर्ट के समक्ष तथ्यात्मक रूप से सही जानकारी उपलब्ध कराने और जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने के प्रति सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

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