Wednesday, October 7, 2026
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फर्जी म्यूटेशन केस में ACB की बड़ी कार्रवाई, तीन जमीन विक्रेता भेजे गए जेल

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हजारीबाग में सरकारी और वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री तथा फर्जी म्यूटेशन के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को ACB की विशेष टीम ने मामले से जुड़े तीन कथित भूमि विक्रेताओं को गिरफ्तार किया। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मामला हजारीबाग ACB थाना कांड संख्या 11/25 से जुड़ा है। जांच के अनुसार, तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI), राजस्व उपनिरीक्षक और कथित भू-माफियाओं के बीच मिलीभगत के जरिए सरकारी जमीन, वन भूमि और गैरमजरुआ खास श्रेणी की जंगल भूमि से संबंधित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि जमीन को नियमों के विपरीत हस्तांतरित करने के साथ-साथ फर्जी तरीके से दाखिल-खारिज भी कराया गया।

पहले भी हो चुकी है कई गिरफ्तारियां

ACB की जांच में इस पूरे नेटवर्क में सरकारी अधिकारियों के साथ जमीन के खरीदार, विक्रेता और कथित भू-माफियाओं की भूमिका सामने आई थी। मामले में तत्कालीन CO समेत कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए ACB हजारीबाग ने अब जमीन बेचने वाले तीन अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की है। विशेष छापेमारी दल ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नयाखाप टोला, मुकुन्दगंज निवासी विशेश्वर प्रजापति, शंकर प्रजापति और रामगति गुप्ता को गिरफ्तार किया।

तीनों आरोपियों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। ACB की लगातार कार्रवाई से जमीन से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों पर भी जांच का दबाव बढ़ गया है।

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