Wednesday, October 7, 2026
Home » सुदिव्य सोनू के गढ़ में BJP की बड़ी तैयारी, उपचुनाव से पहले बाबूलाल ने संभाला मोर्चा

सुदिव्य सोनू के गढ़ में BJP की बड़ी तैयारी, उपचुनाव से पहले बाबूलाल ने संभाला मोर्चा

0 comments

गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख भले अभी घोषित नहीं हुई हो, लेकिन सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर विकास मंत्री सह गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से खाली हुई सीट पर भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियों को संगठन के स्तर पर गति देना शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में बुधवार, 7 अक्टूबर को गिरिडीह के झंडा मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा सह सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बतौर प्रमुख वक्ता शामिल होंगे। भाजपा इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की कड़ी बता रही है।

हालांकि, गिरिडीह में इस आयोजन का राजनीतिक महत्व इससे कहीं आगे माना जा रहा है। भाजपा ने कार्यक्रम से पहले पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है। अलग-अलग मंडलों और शक्ति केंद्रों में लगातार बैठकें हो रही हैं। पार्टी की कोशिश कार्यक्रम के जरिए व्यापक जनभागीदारी के साथ विधानसभा क्षेत्र में अपना संगठनात्मक आधार मजबूत करने की है।

मरांडी ने संभाली संगठन की कमान

गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में बाबूलाल मरांडी की सक्रियता भी बढ़ी है। पचंबा और नगर मंडल के अलावा लेदा, पीरटांड़ और हरलाडीह में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। इन बैठकों में सिर्फ 7 अक्टूबर के कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने पर भी जोर दिया गया।

चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं किया है, लेकिन भाजपा पहले से ही मैदान तैयार करने में जुट गई है। बाबूलाल मरांडी का गिरिडीह से राजनीतिक जुड़ाव और उनका गृह क्षेत्र होने के कारण इस सीट का उपचुनाव भाजपा के लिए विशेष महत्व रखता है।

उम्मीदवार को लेकर बढ़ी हलचल

भाजपा ने अभी तक उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी का नाम तय नहीं किया है। पार्टी के भीतर कई संभावित चेहरों को लेकर चर्चा चल रही है। पीरटांड़ क्षेत्र से भी कुछ दावेदारों की सक्रियता सामने आई है। हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व की सहमति से ही होगा।

2024 के नतीजे पर भी नजर

आगामी उपचुनाव में 2024 के विधानसभा चुनाव का परिणाम भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगा। उस चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा प्रत्याशी को करीब 3,500 वोटों से हराया था। भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि JLKM की मौजूदगी ने भी मुकाबले के समीकरण को प्रभावित किया था।

इस बार JLKM किस चेहरे को मैदान में उतारता है, इस पर भी निगाहें रहेंगी। गिरिडीह सीट पर कुर्मी मतदाताओं की अहम भूमिका को देखते हुए JLKM के संभावित उम्मीदवार और उसकी रणनीति चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल सभी प्रमुख दलों ने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी मैदान में उतरने के बाद ही गिरिडीह की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

You may also like

Leave a Comment