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जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में मोहन यादव सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस अब उस नेटवर्क तक पहुंचने पर है, जिसने कथित तौर पर हमलावरों को ठिकाना, वाहन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात की योजना, हमलावरों की आवाजाही और घटना के बाद उन्हें मिली मदद से जुड़ी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
सिदगोड़ा में पुलिस की दबिश, हाथ नहीं आया अजीत मंडल
मामले में मुख्य शूटर बताए जा रहे अजीत मंडल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि अजीत मंडल अपने दो साथियों के साथ सिदगोड़ा इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने संभावित ठिकाने पर दबिश दी।
हालांकि, पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलते ही अजीत मंडल और उसके दोनों साथी वहां से निकल गए। आसपास के इलाकों में तलाश के बावजूद उनका सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों और संपर्कों की निगरानी बढ़ा दी है।
जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों के अलावा अजीत मंडल के पुराने संपर्कों और उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही है, जो उसे छिपने या भागने में मदद कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ से चार आरोपी पहले ही पकड़े गए
फायरिंग की साजिश की जांच के दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया था। इनमें शंकर मुंडा, गुड्डू शर्मा उर्फ टीटू शर्मा, मनोज कुमार सरकार और दीपू कुमार ओझा शामिल हैं।
चारों को जमशेदपुर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में फायरिंग से पहले और बाद की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं। इन लोगों पर डोमनिक सैमसन को निशाना बनाने की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार और वाहन की व्यवस्था किसने की थी। इसके अलावा गोलीबारी के बाद हमलावरों को शहर से बाहर निकलने में किन लोगों ने सहयोग किया, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े चली थीं करीब 11 गोलियां
यह घटना 26 सितंबर की है। बाइक से पहुंचे हमलावरों ने बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों को निशाना बनाते हुए करीब 11 राउंड फायरिंग की थी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। घटना में चार लोग घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर गोली के खोखे और दूसरे साक्ष्य जुटाए थे। आसपास और रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई, ताकि हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों की कड़ी जोड़ी जा सके।
जमीन और ठेकेदारी विवाद समेत कई एंगल पर जांच
पुलिस फायरिंग की वजह को लेकर एक से अधिक संभावनाओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी दुश्मनी, जमीन से जुड़े कारोबार, रेलवे ठेकेदारी और आपराधिक वर्चस्व जैसे एंगल सामने आए हैं। हालांकि, इनमें से कौन सा कारण वारदात की वास्तविक वजह है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर फरार शूटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल हथियार और वाहन बरामद करने के लिए भी संभावित ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
अजीत मंडल की गिरफ्तारी पर टिकी जांच की अहम कड़ी
मोहन यादव समेत अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के बावजूद मामले की जांच अभी निर्णायक मुकाम तक नहीं पहुंची है। पुलिस के लिए अजीत मंडल और उसके साथियों को पकड़ना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को अजीत मंडल के संभावित ठिकानों और उसके संपर्क में रहने वाले कुछ लोगों के बारे में जानकारी मिली है। इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का लक्ष्य फरार आरोपियों को पकड़ने के साथ ही यह स्पष्ट करना है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हथियार और वाहन कहां से उपलब्ध कराए गए और इस पूरी वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे।