Friday, October 9, 2026
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CEC को हटाने की मांग पर अड़े रेवंत रेड्डी, कहा- ‘वोट का अधिकार कमजोर हुआ तो जनता देगी जवाब’

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का समाधान नहीं हुआ तो जनता इसका जवाब देगी।

कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने प्रदर्शन कर राजघाट तक मार्च किया। महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह अभियान केवल विपक्ष का राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है।

रेवंत रेड्डी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के मतदाता आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि देश की आबादी बढ़ने के बावजूद मतदाताओं की संख्या अपेक्षित अनुपात में क्यों नहीं बढ़ी। उनके मुताबिक 2014 में करीब 81 करोड़, 2019 में 91 करोड़ और 2024 में लगभग 97 करोड़ मतदाता थे। उन्होंने केंद्र से मतदाता सूची में हुए बदलावों पर स्पष्टीकरण मांगा।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों जैसे वंचित वर्गों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के समान मताधिकार के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक के वोट को कमजोर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। रेवंत रेड्डी के मुताबिक विपक्षी नेताओं द्वारा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर पर्याप्त जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आयोग से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतने की मांग की।

रेवंत रेड्डी ने केंद्र पर ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई जैसी एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी जांच एजेंसियों के सहारे सत्ता को लंबे समय तक नहीं बचाया जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग दोहराई और कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है।

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