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तेलंगाना कांग्रेस में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुनुगोडे विधायक कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सार्वजनिक नजदीकी ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। 5 सितंबर को नाकरेकल में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया। इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है।
राजगोपाल रेड्डी को लंबे समय से मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले नेताओं में गिना जाता रहा है। ऐसे में रेवंत रेड्डी के साथ उनका इस तरह सार्वजनिक तौर पर सहज नजर आना राजनीतिक रूप से खासा ध्यान खींच रहा है। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर दोनों नेताओं की ओर से किसी नए राजनीतिक समझौते या संगठनात्मक बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पहले उठते रहे थे नेतृत्व को लेकर सवाल
राजगोपाल रेड्डी अतीत में सरकार के कामकाज और पार्टी के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया पर अपनी असहमति जाहिर करते रहे हैं। अगस्त में हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण पदों पर हाल में पार्टी से जुड़े नेताओं के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनके ऐसे बयानों को प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के संदर्भ में देखा गया था।
उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी मौजूदा घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बनाती है। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में वापस लौटे थे। इससे पहले वह भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस में वापसी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने को लेकर भी समय-समय पर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं।

कोंडा सुरेखा प्रकरण के बाद बदला माहौल
राजगोपाल रेड्डी और रेवंत रेड्डी की मुलाकात ऐसे समय हुई, जब तेलंगाना कांग्रेस हाल ही में कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के घटनाक्रम से गुजरी थी। 3 सितंबर को मुख्यमंत्री की सिफारिश के बाद राज्यपाल ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने की मंजूरी दी। यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद हुई थी।
इसी विवाद के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. चिन्ना रेड्डी को तेलंगाना प्लानिंग बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाने का फैसला भी लिया गया था। सुरेखा प्रकरण को लेकर कांग्रेस के भीतर अनुशासन, नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर बहस सामने आई।
सार्वजनिक मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक उत्सुकता
सुरेखा प्रकरण के तुरंत बाद राजगोपाल रेड्डी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच संबंधों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। मुलाकात के बाद राजगोपाल रेड्डी ने नेतृत्व के बीच मतभेद की चर्चाओं को खारिज करते हुए सहयोग की बात कही। हालांकि, उनके रुख में बदलाव के पीछे कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
फिलहाल दोनों नेताओं की सार्वजनिक नजदीकी को लेकर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में राजगोपाल रेड्डी की मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व के साथ राजनीतिक भूमिका किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर पार्टी के भीतर नजर रहेगी।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट