Table of Contents
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने संगठन में देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी बनाया है।
इस बदलाव के साथ अजय राय का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन की कमान नई टीम संभालेगी। प्रदेश अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति को संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
आराधना मिश्रा लंबे समय से उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति में हैं। वह रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकी हैं और कांग्रेस विधायक दल की नेता की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं।
प्रमोद तिवारी का भी रामपुर खास से लंबा राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वह इस विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधायक रह चुके हैं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया और राज्यसभा पहुंचे। ऐसे में आराधना मिश्रा को पार्टी के भीतर उत्तर प्रदेश की राजनीति और संगठन की अच्छी समझ रखने वाले नेताओं में माना जाता है।
प्रियंका गांधी के साथ कई अभियानों में निभाई भूमिका
आराधना मिश्रा को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी नेताओं में गिना जाता है। उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चलाए गए ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान के दौरान भी आराधना मिश्रा ने उनके साथ सक्रिय रूप से काम किया था।
दो दशक से अधिक के राजनीतिक अनुभव के चलते प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है।

इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी
सहारनपुर के लोकसभा सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले भी वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
पार्टी ने इसके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं राजेंद्र पाल गौतम पहले से ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की भूमिका में हैं।
नई टीम में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर जोर
कांग्रेस के ताजा संगठनात्मक फेरबदल में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति भी दिखाई देती है। आराधना मिश्रा के जरिए ब्राह्मण नेतृत्व को प्रदेश संगठन में प्रमुख स्थान मिला है, जबकि इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से मुस्लिम प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है।
देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद की नियुक्ति को भी पार्टी के सामाजिक आधार को व्यापक बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं राजेंद्र पाल गौतम के नेतृत्व में दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पहले से सक्रिय है।
इसी वजह से नई संगठनात्मक टीम को ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और ओबीसी समुदायों के बीच पार्टी की राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नई दिशा
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस की नई टीम के गठन को चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने एक साथ प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर संगठन में नेतृत्व का नया ढांचा तैयार किया है।
अब नई टीम के सामने प्रदेश में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने, अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक पहुंच बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट