Wednesday, October 7, 2026
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‘सोनू भैया’ की अंतिम विदाई पर फूट-फूट कर रोये CM; बेटे श्रेयश ने दी मुखाग्नि

by उर्वशी शेखर
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झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। उसरी नदी के किनारे स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों ने हिस्सा लिया। बारिश के बावजूद लोगों की भीड़ कम नहीं हुई और पूरे रास्ते शोक का माहौल बना रहा।

अंतिम संस्कार से पहले सुदिव्य सोनू के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। यहां सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मौसम खराब होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

CM हेमंत सोरेन और राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ सुदिव्य सोनू के आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान CM काफी भावुक नज़र आये।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी दिवंगत मंत्री के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

मंत्रियों-विधायकों समेत बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

सुदिव्य सोनू की अंतिम यात्रा में राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। इनमें योगेंद्र प्रसाद महतो, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। JMM के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी बड़ी मौजूदगी रही।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अंतिम यात्रा में कदम से कदम मिलाया और दिवंगत मंत्री की अर्थी को कंधा दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

बेटे श्रेयश ने दी मुखाग्नि

हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की सभी रस्में पूरी की गईं। दिवंगत मंत्री के बेटे श्रेयश ने मुखाग्नि दी। इसके साथ ही सुदिव्य कुमार सोनू की अंतिम यात्रा पूरी हुई और उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।

सुदिव्य सोनू के अचानक निधन से गिरिडीह में गहरा शोक है। उनके निधन का असर राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी दिखाई दे रहा है। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह भावुक नजर आया।

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