Wednesday, October 7, 2026
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JSSC-CGL समेत 22 भर्तियों पर फैसला टला, हाईकोर्ट ने सरकार को दी 2 दिन की मोहलत

by उर्वशी शेखर
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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL समेत विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आने वाली कई भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर लगी अंतरिम रोक को फिलहाल जारी रखा है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। राज्य सरकार ने इसके लिए चार सप्ताह का समय मांगा, लेकिन अदालत ने लंबी मोहलत देने से इनकार कर दिया।

जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। इनमें आकाश गौरव व अन्य तथा निरोज व अन्य की याचिकाएं शामिल हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने बड़े पैमाने पर नियुक्तियों को रद्द किए जाने के तरीके पर नाराजगी जताते हुए संकेत दिया कि इस तरह सामूहिक रूप से नियुक्तियां खत्म करना उचित नहीं माना जा सकता।

CID रिपोर्ट और सरकार के हलफनामे पर अलग-अलग सुनवाई की दलील

याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत में सरकार के जवाब में हो रही देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार CID की जांच की स्टेटस रिपोर्ट को आधार बनाकर अपना हलफनामा दाखिल करने में समय ले रही है, जबकि दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं और सरकार अपना जवाब स्वतंत्र रूप से दाखिल कर सकती है।

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि CID जांच से संबंधित रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी। सरकार ने मंगलवार दोपहर 2:30 बजे तक सीलबंद लिफाफे में CID रिपोर्ट पेश करने की बात कही। इसके बाद अदालत की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा।

मामले के मुख्य कानूनी पहलुओं यानी मेरिट पर सुनवाई शुक्रवार सुबह 10:30 बजे होगी। अदालत ने फिलहाल नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है।

18 अगस्त को सरकार ने लिया था बड़ा फैसला

दरअसल, CID जांच में सामने आए तथ्यों के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात TDPL से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके दायरे में उन परीक्षाओं को भी शामिल किया गया, जिन्हें संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा माना गया।

सरकार ने साथ ही 2014 के बाद आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

अधिसूचना के मुताबिक 22 परीक्षाएं रद्द, 6 भर्ती प्रक्रियाएं स्थगित और 17 परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया गया था। इसी व्यापक कार्रवाई को चुनौती देते हुए कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

अब इस मामले में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है। अदालत यह तय करेगी कि सरकार के फैसले और नियुक्तियों को रद्द करने की कार्रवाई को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाए।

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