परमवीर चक्र विजेता शहीद लांस नायक अलबर्ट एक्का के पुत्र विंसेंट एक्का को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत दिया गया ट्रैक्टर कंपनी ने वापस ले लिया है। मामला गुमला जिले के जारी थाना क्षेत्र का है। करीब 9.25 लाख रुपये की कीमत वाले ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान था, जबकि शेष राशि लाभुक को जमा करनी थी।
बताया गया कि विंसेंट अपनी हिस्सेदारी की राशि जमा नहीं कर सके। इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कंपनी के प्रतिनिधियों ने ट्रैक्टर वापस ले लिया। कार्रवाई के दौरान विंसेंट ने अधिकारियों पर कथित तौर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया।
विंसेंट एक्का ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुमला उपायुक्त ने 23 दिसंबर 2024 को जारी गांव में विंसेंट को ट्रैक्टर सौंपा था। योजना के तहत ट्रैक्टर की कुल कीमत का आधा हिस्सा सरकारी अनुदान के रूप में दिया जाना था। बाकी 50 प्रतिशत रकम लाभुक की ओर से जमा की जानी थी।
भुगतान को लेकर अलग-अलग दावे
ट्रैक्टर कंपनी के प्रतिनिधि दीपक अग्रवाल के मुताबिक, विंसेंट एक्का ने अपनी हिस्सेदारी की रकम देने से इनकार किया था। उनके अनुसार, बाद में उपायुक्त की ओर से यह राशि उपायुक्त फंड से भुगतान करने की बात कही गई थी, लेकिन कंपनी को भुगतान नहीं मिला।

वहीं, भूमि संरक्षण पदाधिकारी राम प्रकाश कुमार ने भी कहा कि योजना के नियमों के मुताबिक विंसेंट को कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वयं जमा करना था। विभाग की ओर से राशि जमा करने के लिए उनसे आग्रह किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका।
राशि जमा होने पर वापस मिल सकता है ट्रैक्टर
भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विंसेंट एक्का को ट्रैक्टर कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत उपलब्ध कराया गया था। योजना में लाभुक की निर्धारित हिस्सेदारी जमा करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि लाभुक की ओर से अपनी हिस्सेदारी की राशि जमा कर दिए जाने के बाद ट्रैक्टर वापस उपलब्ध कराया जा सकता है। फिलहाल भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी ने वाहन वापस लिया है।
पूरे घटनाक्रम ने एक ओर जहां योजना के नियमों और लाभुक की आर्थिक हिस्सेदारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं शहीद अलबर्ट एक्का के पुत्र से ट्रैक्टर वापस लिए जाने का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।