स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में त्वरित बचाव व्यवस्था को लेकर National Disaster Management Authority (NDMA) ने एक अहम प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई शुरू की है। सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को महत्वपूर्ण मानते हुए NDMA ने इसे विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा मंत्रालय को भेज दिया है।
प्रस्ताव में देशभर के स्कूलों के लिए आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल के पास Emergency Evacuation Plan होना चाहिए, जिससे आग, भूकंप या अन्य आपात परिस्थितियों में विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से परिसर से बाहर निकाला जा सके।
स्कूलों में नियमित तैयारी को लेकर प्रस्ताव में साल में कम से कम दो बार Mock Drill आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया से परिचित कराना है।
इसके अलावा शिक्षकों और अन्य स्कूल कर्मचारियों को CPR, BLS और AED जैसी आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों का प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसी ट्रेनिंग से गंभीर स्थिति में चिकित्सा सहायता मिलने तक बच्चों को तत्काल प्राथमिक मदद उपलब्ध कराई जा सकती है।

देशभर के स्कूलों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने की मांग
ज्योति शर्मा ने स्कूलों में आपदा प्रबंधन के लिए एक National Disaster Safety Framework तैयार करने का भी सुझाव दिया है। प्रस्तावित ढांचे में स्कूलों के लिए इमरजेंसी एग्जिट, निकासी प्रक्रिया, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश शामिल किए जाने की मांग है।
दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों से जुड़ी घटनाओं के बाद स्कूल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह प्रस्ताव सामने आया था। अब NDMA की ओर से इसे शिक्षा मंत्रालय भेजे जाने के बाद प्रस्तावित सुरक्षा उपायों पर मंत्रालय स्तर पर विचार किया जाएगा।
अगर प्रस्ताव पर आगे अमल होता है, तो स्कूलों में आपदा प्रबंधन की तैयारी, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था को लेकर एक समान दिशा-निर्देश तैयार किए जाने की संभावना होगी।