तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव के फार्म हाउस के आसपास कथित ‘शुद्धिकरण’ की रस्म किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पुलिस ने इस मामले में बीआरएस समर्थकों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। आरोप है कि कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद इन स्थानों पर कथित तौर पर हल्दी मिले पानी और दूध का छिड़काव किया गया।
यह विवाद उस प्रदर्शन के बाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में फार्म हाउस के आसपास प्रदर्शन किया था। विधानसभा अध्यक्ष दलित समुदाय से आते हैं। प्रदर्शन 8 सितंबर को हुआ था।
CM रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में इस घटनाक्रम को लेकर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद बीआरएस समर्थकों की ओर से फार्म हाउस के आसपास उन स्थानों पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जहां प्रदर्शनकारी गए थे।

रेवंत रेड्डी ने बीआरएस की संध्या राव के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह कार्रवाई के. चंद्रशेखर राव के निर्देश पर किए जाने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने इस तरह की कार्रवाई को दलित समुदाय के प्रति अपमानजनक बताया।
मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य में दलितों के कथित अपमान और उनके खिलाफ अत्याचार से जुड़े आरोपों की विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है।
एर्रावल्ली और वरदराजपुर में हुई कार्रवाई का आरोप
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटनाएं एर्रावल्ली और वरदराजपुर गांवों में हुईं। इन्हीं इलाकों में कांग्रेस के दलित कार्यकर्ताओं ने बीआरएस के दो एमएलसी और विपक्ष के अन्य नेताओं के खिलाफ डप्पू बजाकर प्रदर्शन किया था।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के गुजरने वाले स्थानों पर बाद में हल्दी मिला पानी और दूध छिड़का गया। इस मामले में दर्ज तीनों केस सिद्दीपेट कमिश्नरेट के मुर्कूक पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और कथित ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की स्पेशल रिपोर्ट