कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की ओर से झारखंड सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साव के आरोपों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी जवाब मांगा।
मरांडी ने कहा कि जब कांग्रेस के ही एक वरिष्ठ नेता सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो इन दावों पर सरकार और कांग्रेस नेतृत्व को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष है, लेकिन अलग-अलग कारणों से कई नेता सार्वजनिक तौर पर अपनी बात नहीं रखते। ये बातें मरांडी के राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं हुई है।
नियुक्तियों और रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी से सवाल
बाबूलाल मरांडी ने नियुक्तियों और रोजगार से जुड़े मामलों को लेकर भी राहुल गांधी से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार के कामकाज और इन मामलों को लेकर सवाल उठने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सरकार को समर्थन क्यों जारी है।

खनन और ट्रांसफर-पोस्टिंग के आरोपों का भी जिक्र
मरांडी ने पत्थर, बालू, कोयला और लौह अयस्क के कथित अवैध खनन के साथ टेंडर और ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित आर्थिक लेनदेन के आरोप भी दोहराए। उन्होंने राहुल गांधी से इन मुद्दों पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग की। इन आरोपों को फिलहाल मरांडी के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि फिलहाल ये सवाल योगेंद्र साव की ओर से उठाए जा रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक आने वाले समय में झारखंड की जनता भी कांग्रेस नेतृत्व से इन मुद्दों पर जवाब मांग सकती है।