Wednesday, October 7, 2026
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JPSC-JSSC की कथित धांधली पर BJP का हल्लाबोल, सरकार के सामने रखीं 3 मांगें

by उर्वशी शेखर
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जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने और छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग रखी।

भाजपा नेताओं ने मुख्य सचिव को बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड के छात्रों ने करीब एक महीने तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया था। पार्टी का आरोप है कि आंदोलन के दौरान तथा इसके बाद अलग-अलग जिलों के थानों में छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। भाजपा ने इन मामलों को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों में दिए गए आदेश का भी हवाला दिया।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी की उन सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करने को कहा, जिन्हें कथित अनियमितताओं के कारण रद्द या स्थगित किया गया है। भाजपा का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो इसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके और छात्रों के भविष्य के साथ न्याय हो।

मीडिया से बातचीत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। साहू ने जेपीएससी से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बावजूद अन्य जिम्मेदार सदस्य अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने सरकार पर अपने करीबियों को बचाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

आदित्य साहू ने सरकार को 48 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भाजपा आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने इसके लिए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होने की बात कही।

भाजपा की तीन प्रमुख मांगें

  • छात्र आंदोलनों के दौरान और उसके बाद अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए।
  • जेपीएससी और जेएसएससी की गड़बड़ियों के कारण रद्द अथवा स्थगित परीक्षाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा राज्य सरकार करे।
  • आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से समान रूप से जिम्मेदार सदस्यों की भी गिरफ्तारी हो। साथ ही जिन अधिकारियों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों पर धांधली के आरोप में कार्रवाई हुई है, उनकी भूमिका की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, सांसद बीडी राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी सहित कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें सीपी सिंह, मंजू देवी, शशि भूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रोशन लाल चौधरी, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, नागेंद्र महतो, राज सिन्हा, शत्रुघ्न महतो और रागिनी सिंह शामिल थीं।

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