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हजारीबाग में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश का असर छड़वा डैम पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण डैम में पानी की आवक तेज हो गई है और जलस्तर बढ़कर करीब 23 फीट पहुंच गया है। यह स्तर डैम की अधिकतम जलधारण क्षमता के काफी करीब माना जा रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के संवेदनशील और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग शहर के साथ-साथ डैम के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में करीब 72 घंटे से बारिश हो रही है। इसके चलते अचानक बड़ी मात्रा में पानी डैम में पहुंच रहा है। बढ़ते जलस्तर के साथ गेटों पर भी दबाव बढ़ा है। नगर निगम की तकनीकी टीम जलस्तर, पानी की आवक और गेटों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

निचले इलाकों में विशेष निगरानी
छड़वा डैम से जुड़े जलनिकासी क्षेत्रों के अलावा कटकमसांडी और सदर अंचल के निचले हिस्सों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील की है।
नगर निगम, पुलिस और अंचल प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्तर पर मुनादी के जरिए लोगों को भी सूचना दी जाएगी। प्रशासन फिलहाल डैम की स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है और जलस्तर में होने वाले बदलावों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
शहर की पेयजल व्यवस्था को बड़ी राहत
लगातार बारिश से जहां डैम के आसपास खतरे की आशंका बढ़ी है, वहीं हजारीबाग शहर के लिए यह स्थिति राहत भी लेकर आई है। डैम में पर्याप्त मात्रा में पानी जमा होने से आने वाले महीनों में पेयजल आपूर्ति को लेकर संभावित संकट कम हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, 23 फीट जलस्तर शहर की जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त जल उपलब्धता का संकेत है।
हालांकि, यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और डैम की क्षमता पर दबाव बढ़ा, तो स्थिति के अनुसार पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसी स्थिति में डैम के नीचे बसे इलाकों में जलभराव अथवा बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों को किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की सलाह दी है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
नगर निगम प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, डैम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी आपात स्थिति में प्रशासन की ओर से आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है।