रांची। 14वीं सब-जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को गौरवान्वित किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में राज्य के खिलाड़ियों ने कुल 9 पदक हासिल किए, जिनमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से झारखंड के खेल जगत में उत्साह का माहौल है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। झारखंड पेंचक सिलाट संघ की अध्यक्षता और पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धियों और प्रतियोगिता के अनुभव राज्यपाल के साथ साझा किए। राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों से बातचीत कर उनकी मेहनत की सराहना की और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए उनका उत्साह बढ़ाया।
चार खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण
प्रतियोगिता में झारखंड की ओर से इताशा कपूर, अनाया खलखो, विशाखा थापा और पलक साहू ने स्वर्ण पदक हासिल किया। चारों खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके प्रदर्शन को संघ के पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों की मेहनत और तैयारी का परिणाम बताया।
वहीं वायु तिर्की और रंजन राणा ने रजत पदक जीतकर झारखंड की पदक तालिका में इजाफा किया। दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर जगह बनाई।
कृपा राणा, जानवी आलिया और रीतिका बारा ने कांस्य पदक हासिल किया। इन खिलाड़ियों ने भी प्रतियोगिता में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। पदक विजेताओं की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रशिक्षकों की देखरेख को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खिलाड़ियों की तैयारी में चीफ प्रशिक्षक बिजय कुमार लिम्बु का मार्गदर्शन रहा। वहीं कोच सूरज चिक बड़ाइक और किरण देवी ने भी प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जादूमुनी हेंब्रम के सहयोग और उपस्थिति ने भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

राज्यपाल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
राज्यपाल संतोष गंगवार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों को आने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के युवा विभिन्न खेल विधाओं में अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं। ऐसी उपलब्धियां न केवल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती हैं, बल्कि दूसरे युवाओं को भी खेलों की ओर आगे आने के लिए प्रेरित करती हैं।
संघ का लक्ष्य, झारखंड में पेंचक सिलाट को नई ऊंचाई देना
झारखंड पेंचक सिलाट संघ की सचिव डौली कुमारी सिंह ने राज्यपाल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। संघ की ओर से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।
अध्यक्ष किशोर मंत्री और राहुल कपूर ने भी राज्यपाल का धन्यवाद किया। संघ पदाधिकारियों के मुताबिक झारखंड में पेंचक सिलाट की पहुंच बढ़ाने, नई प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
पदक विजेता खिलाड़ियों की इस सफलता ने झारखंड में पेंचक सिलाट के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। संघ को भरोसा है कि उचित प्रशिक्षण और लगातार मेहनत के साथ राज्य के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाएंगे।