झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के संगठन झारखंड ऑफिसर्स, टीचर्स एंड एम्प्लॉइज फेडरेशन (झारोटेफ) में भी शोक की लहर है। संगठन ने उनके निधन को राज्य के साथ-साथ कर्मचारी वर्ग के लिए भी गंभीर क्षति बताया है।
झारोटेफ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार राय ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों को गंभीरता से उठाया था। उनके अनुसार, कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने समेत कई महत्वपूर्ण विषयों के समाधान में दिवंगत मंत्री की भूमिका उल्लेखनीय रही।
गिरिडीह पहुंचकर संगठन के पदाधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
सुदिव्य सोनू के निधन की खबर मिलने के बाद झारोटेफ के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रांत सिंह, महासचिव उज्ज्वल तिवारी, कोषाध्यक्ष नितिन कुमार और जिला अध्यक्ष मुन्ना कुशवाहा समेत संगठन से जुड़े शिक्षक एवं कर्मचारी गिरिडीह पहुंचे।
पदाधिकारियों और सदस्यों ने दिवंगत मंत्री के आवास तथा श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की गई।

सभी 24 जिला मुख्यालयों पर होगी श्रद्धांजलि
संगठन ने दिवंगत मंत्री की स्मृति में राज्यव्यापी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। प्रांतीय अध्यक्ष के निर्देश पर 7 सितंबर को झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों में झारोटेफ से जुड़े शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और संगठन के पदाधिकारी शामिल होकर सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देंगे।
दिलीप कुमार राय ने कहा कि सुदिव्य सोनू जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधि थे और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करते रहे। उनके असमय निधन से झारखंड ने एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक व्यक्तित्व खो दिया है। उन्होंने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।