Thursday, October 8, 2026
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झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती! थानों में CCTV नहीं लगाने पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP को शो-कॉज नोटिस

by उर्वशी शेखर
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झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के अदालत के निर्देश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने से पहले उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया है। तीनों अधिकारियों से पूछा गया है कि अदालत के आदेश के अनुपालन में हुई देरी को लेकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

सुनवाई के दौरान डीजीपी अदालत में मौजूद थीं। खंडपीठ ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि थानों में सीसीटीवी लगाने के संबंध में अदालत के पूर्व निर्देशों का वास्तविक रूप से पालन होता नजर नहीं आ रहा है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार की ओर से दाखिल शपथपत्र में वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की गई है।

2018 के बाद 450 से ज्यादा कस्टोडियल डेथ का हवाला

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि वर्ष 2018 के बाद राज्य में 450 से अधिक कस्टोडियल डेथ के मामले सामने आए हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस थानों में सीसीटीवी की व्यवस्था अब तक पूरी नहीं होना गंभीर विषय है।

खंडपीठ ने यह भी कहा कि कैमरे लगाने के लिए अब तक चार बार टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने इस स्थिति को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने पर कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान डीजीपी की ओर से थानों में सीसीटीवी लगाने की जिम्मेदारी गृह विभाग से संबंधित होने की बात कही गई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए इसे जिम्मेदारी से बचने वाला रवैया बताया।

अब मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शो-कॉज नोटिस का जवाब दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई में अदालत उनके जवाब और मामले में अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करेगी।

तरुण महतो मामले के बाद स्वत: संज्ञान में आया था मामला

सीसीटीवी लगाने से जुड़ा यह मामला एक पूर्व घटना के बाद हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान में आया था। जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस तरुण महतो को हिरासत में लेकर थाने पहुंची थी। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया।

तरुण महतो वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के इचागढ़ प्रत्याशी रह चुके हैं। घटना के संबंध में उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजा था। इसी पत्र पर अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की। पूर्व में कोर्ट ने सरायकेला के एसपी को संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश भी दिया था।

पिछली सुनवाई में अदालत ने डीजीपी को भी अवमानना नोटिस जारी कर पूछा था कि पूर्व आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।

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