Tuesday, October 6, 2026
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निलंबन खत्म! IAS विनय चौबे की सरकारी सेवा में वापसी; कार्मिक विभाग में संभाला कार्यभार

by उर्वशी शेखर
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झारखंड सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को निलंबन से बहाल कर दिया है। बहाली के बाद चौबे ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग में योगदान दे दिया है। शराब घोटाले से जुड़े मामले में ACB द्वारा गिरफ्तारी के बाद उन्हें राज्य सरकार ने निलंबित किया था।

चौबे की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा था। शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण के अलावा उनके विरुद्ध दो अन्य मामले भी दर्ज किए गए थे। इन मामलों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर एक करीबी व्यक्ति के नाम पर जमीन के म्यूटेशन में कथित तौर पर अनियमितता कराई।

मैनपावर कंपनियों से कथित साजिश का आरोप

ACB ने शराब घोटाले की जांच के दौरान चौबे को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी की ओर से आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के साथ कथित मिलीभगत कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने में भूमिका निभाई।

गिरफ्तारी के बाद चौबे न्यायिक हिरासत में रहे। बाद में अदालत से जमानत मिलने पर उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद भी उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रही।

जमीन म्यूटेशन को लेकर भी दर्ज हुए मामले

शराब घोटाले की जांच के बीच चौबे के खिलाफ दो और प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें उन पर आरोप लगा कि सरकारी पद के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एक करीबी व्यक्ति के नाम पर जमीन का म्यूटेशन कथित रूप से गलत तरीके से कराया गया।

इन आरोपों की जांच अभी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए आरोपों को अदालत के अंतिम फैसले तक सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।

अब आगे की पोस्टिंग पर नजर

अदालत से जमानत मिलने के बाद चौबे की जेल से रिहाई हुई थी। अब सरकार के निलंबन समाप्त करने के निर्णय के बाद उन्होंने विभाग में औपचारिक रूप से योगदान कर दिया है। हालांकि, उन्हें आगे कौन-सी जिम्मेदारी या पदस्थापना दी जाएगी, यह सरकार के अगले आदेश से स्पष्ट होगा।

शराब घोटाले की जांच में चौबे का नाम सामने आने के बाद से यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में उनकी सेवा में वापसी के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर भी नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं।

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