झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी सिलसिले में आयोग के अधिवक्ता संजोय पिपरवाल को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। समन के मुताबिक वह 19 सितंबर को CID के समक्ष उपस्थित होंगे।
SIT ने उन्हें 15 सितंबर को समन जारी कर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था। जांच टीम परीक्षा संचालन की प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े आरोपों के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
परीक्षा विवाद से जुड़े कानूनी फैसलों पर होंगे सवाल
जांच के दौरान SIT का फोकस उन कानूनी पहलुओं पर भी है, जो परीक्षा को लेकर विवाद सामने आने के बाद आयोग की ओर से अपनाए गए थे। माना जा रहा है कि अधिवक्ता संजोय पिपरवाल से अदालतों में आयोग द्वारा रखे गए पक्ष, दाखिल किए गए दस्तावेज और परीक्षा से संबंधित कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी ली जाएगी।

जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आने के बाद आयोग ने किस प्रक्रिया के तहत कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए और इन फैसलों में संबंधित अधिकारियों तथा परीक्षा एजेंसी की क्या भूमिका रही।
दस्तावेज और पत्राचार भी जांच के दायरे में
SIT परीक्षा एजेंसी, आयोग के अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों के बीच हुए पत्राचार तथा विभिन्न निर्णयों की समय-रेखा का भी मिलान कर रही है। इसके जरिए जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले कब और किन परिस्थितियों में लिए गए।
अब तक SIT आयोग के कई अधिकारियों, परीक्षा संचालन में शामिल बाहरी एजेंसियों के प्रतिनिधियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसी क्रम में पिपरवाल से कानूनी प्रक्रियाओं और आयोग की ओर से अपनाए गए रुख से संबंधित जानकारी हासिल की जाएगी।
पूछताछ के दौरान SIT परीक्षा विवाद से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों और अब तक सामने आए बयानों के आधार पर भी सवाल कर सकती है। इससे जांच टीम को परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े कानूनी निर्णयों की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।