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पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को मद्रास हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दायर तीन नई याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए धोनी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया और अगली सुनवाई 9 अक्टूबर तय की है।
यह पूरा मामला 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जुड़ा है, जिसमें सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार की ओर से दिए गए कथित बयान के बाद धोनी ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
2013 के विवाद से शुरू हुआ कानूनी मामला
संपत कुमार ने एक टीवी डिबेट के दौरान धोनी का नाम आईपीएल सट्टेबाजी विवाद से जोड़ते हुए आरोप लगाए थे। इसके बाद वर्ष 2014 में धोनी ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि इन आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस मामले में 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का दावा दायर किया था।

तीन नई याचिकाओं पर मांगा गया जवाब
मौजूदा सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष संपत कुमार की ओर से तीन नई हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं में मांग की गई है कि धोनी का बयान किसी न्यायिक अधिकारी की निगरानी में दर्ज किया जाए, गवाही की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की जाए और उसकी प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अलावा यह भी अनुरोध किया गया है कि धोनी की गवाही अदालत परिसर या किसी सरकारी भवन में ही रिकॉर्ड की जाए।
पहले भी अदालत दे चुकी है निर्देश
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत पहले ही एक सीडी में मौजूद सामग्री को लिखित रूप में तैयार करने का आदेश दे चुकी है। इसी प्रक्रिया के तहत पिछले वर्ष फरवरी में धोनी को अनुवाद और टाइपिंग का खर्च वहन करने के निर्देश दिए गए थे।
अब नई याचिकाओं पर धोनी का जवाब आने के बाद हाईकोर्ट आगे की सुनवाई में इन मांगों पर फैसला करेगा।