Thursday, October 8, 2026
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राधारानी के प्राकट्य उत्सव पर इस्कॉन में आस्था का सैलाब, 900 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

by उर्वशी शेखर
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इस्कॉन रांची मंदिर में श्रीमती राधारानी के प्राकट्य उत्सव का आयोजन धार्मिक उल्लास और भक्ति वातावरण के बीच किया गया। विशेष पर्व को लेकर मंदिर में आकर्षक सजावट की गई। श्रीराधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया, जबकि परिसर को फूलों और रंगोली से सजाकर उत्सव का स्वरूप दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल आरती से हुआ। शाम को आयोजित मुख्य आयोजन में भक्तों ने भजन और कीर्तन में भाग लिया। “जय राधा माधव, जय कुंज बिहारी” के संकीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। इसके साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।

उत्सव के दौरान श्रीराधा-कृष्ण का 21 द्रव्यों से अभिषेक कराया गया। इसके बाद भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस्कॉन रांची के महाप्रबंधक मधुसूदन मुकुंद दास ने राधारानी के प्राकट्य और वैष्णव परंपरा में उनके आध्यात्मिक महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराधारानी की कृपा को कृष्ण भक्ति का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। उन्होंने श्रीचैतन्य महाप्रभु के माध्यम से हरिनाम संकीर्तन के प्रसार का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से हरे कृष्ण महामंत्र के जप और संकीर्तन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का समापन महाआरती और हरिनाम संकीर्तन के साथ हुआ। इसके बाद करीब 900 श्रद्धालुओं के बीच चरणामृत और प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, कीर्तन और आध्यात्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

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