Wednesday, October 7, 2026
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रांची : CBI कोर्ट में फैसलों की रफ्तार तेज, 4 साल में 86 मामलों का निपटारा; 74 में दोषियों को सजा

by उर्वशी शेखर
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रांची स्थित विशेष CBI अदालत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लंबित आपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के निस्तारण की गति बढ़ी है। वर्ष 2022 से 2026 तक अदालत ने कुल 86 मामलों में अंतिम फैसला सुनाया। इनमें से 74 मामलों में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा, जिसके बाद अदालत ने संबंधित आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

CBI के अनुसार, इन मामलों की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान और कानूनी दलीलों को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के साथ-साथ गंभीर आपराधिक प्रकरणों में भी ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।

पुराने मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई

निस्तारित मामलों में तीन मुकदमों को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लेना पड़ा। बताया गया कि ये मामले काफी पुराने थे और इनमें शामिल मुख्य आरोपी लंबे समय से फरार थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाने के कारण इन प्रकरणों को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो सका।दूसरी ओर, रांची की विशेष CBI अदालत में अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आय से अधिक संपत्ति, ट्रैप और अन्य आपराधिक मामलों को मिलाकर कुल 245 प्रकरण फिलहाल विचाराधीन हैं। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

कई चर्चित मामलों में भी आया फैसला

वर्ष 2022 से 2026 के बीच अदालत ने कई चर्चित मामलों की सुनवाई पूरी कर निर्णय सुनाया। इनमें हजारीबाग के रूपेश पांडेय मॉब लिंचिंग मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा, पूर्व मंत्री एनोस एक्का से संबंधित CNT एक्ट उल्लंघन प्रकरण, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले, नेशनल शूटर तारा शाहदेव से जुड़े धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना मामले तथा JPSC के पूर्व अध्यक्ष दिलीप कुमार से संबंधित मशीन खरीद घोटाले जैसे मामले शामिल हैं।

इन मामलों में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह और खुशबू जायसवाल ने अदालत में CBI का पक्ष रखा।रांची की विशेष CBI अदालत में लगातार हो रहे मामलों के निस्तारण से पुराने आपराधिक और भ्रष्टाचार प्रकरणों को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी दिखाई दे रही है। हालांकि, अदालत के समक्ष अभी भी 245 मामले लंबित हैं, जिन पर सुनवाई जारी है।

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