झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR-2026 की प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में मतदाताओं को सुनवाई के लिए निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी। प्रक्रिया को अधिकतम स्तर तक ऑनलाइन रखने के निर्देश दिए गए हैं।
28 सितंबर को SIR की तैयारियों और प्रगति को लेकर सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया के दौरान आम मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए और अनावश्यक रूप से उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
BLO घर जाकर जुटाएंगे जरूरी दस्तावेज
अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों में नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के दस्तावेज जुटाने की जिम्मेदारी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को दी गई है। BLO संबंधित मतदाता के घर जाकर आवश्यक कागजात प्राप्त करेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे। उपलब्ध दस्तावेजों और नियमों के आधार पर ERO आगे की कार्रवाई करते हुए अपना निर्णय लेंगे।जिन BLO को तकनीकी कार्यों में कठिनाई हो रही है, उनकी मदद के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार वॉलेंटियर की सहायता लेने की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सामान्य मामलों में मतदाता को ERO अथवा AERO कार्यालय बुलाकर व्यक्तिगत सुनवाई कराने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी मामले में विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित ERO के निर्णय के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई की जा सकती है।
जरूरत पड़ने पर मतदाता अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अधिकृत भी कर सकता है। वहीं, जिन लोगों को पहले ही किसी निर्धारित स्थान पर सुनवाई के लिए उपस्थित होने की सूचना दी जा चुकी है और वे वहां पहुंचते हैं, तो संबंधित अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उन मतदाताओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया, जो रात्रि आश्रय गृहों में रहते हैं या श्रमिक, गरीब, बेघर अथवा अन्य कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे लोगों तक SIR की प्रक्रिया और जरूरी सेवाएं पहुंचाने के लिए हेल्प डेस्क तथा विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।इसके अलावा फॉर्म 6, 6A, 7 और 8 से संबंधित आवेदनों के डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने और जिन मामलों में नोटिस जारी करना आवश्यक है, वहां समय पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
SIR के दौरान होने वाली सुनवाई में अधिकारियों को ठोस तथ्यों और स्पष्ट कारणों के आधार पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक मामले की जांच करते समय यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति भारतीय नागरिक हो, 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करता हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि SIR का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है। प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न रहे।