Tuesday, October 6, 2026
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कोयला चोरों के खिलाफ CISF का बड़ा अभियान, 3.1 टन अवैध कोयला जब्त; ड्रोन से खुले खनन मुहानों का खुलासा

by उर्वशी शेखर
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कोयला चोरी और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए धनबाद कोयलांचल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने व्यापक अभियान चलाया है। बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 14 संवेदनशील ठिकानों पर की गई छापेमारी में करीब 3.1 टन अवैध कोयला और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। इसके अलावा एक अवैध खनन स्थल को भरकर बंद किया गया। ड्रोन से की गई निगरानी में कई इलाकों में अवैध खदानों के खुले मुहाने भी मिले हैं।

भारत सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत चलाए गए इस अभियान में अवैध खनन, कोयले के अनधिकृत भंडारण और परिवहन पर विशेष ध्यान दिया गया। सीआईएसएफ ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर छापेमारी करने के साथ ही खनन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई और प्रमुख परिवहन मार्गों पर वाहनों की जांच की।

सुदामडीह में तीन टन कोयला जब्त, कथलधोड़ा में अवैध खनन स्थल बंद

28 सितंबर को सीआईएसएफ ने बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की। एरिया-11 के अंतर्गत सुदामडीह दामोदर ब्रिज के समीप छापेमारी कर लगभग तीन टन अवैध कोयला बरामद किया गया।

वहीं, एरिया-05 स्थित एएसबीएन कोलियरी के एसबीसी चेक पोस्ट पर सुबह करीब 8:15 बजे जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल के साथ लगभग 100 किलोग्राम अवैध कोयला पकड़ा गया। इस मामले में खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम (MMDR Act) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एरिया-04 के कथलधोड़ा बस्ती के पास भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई हुई। यहां चिह्नित अवैध खनन स्थल को भरने और जमीन समतल करने का काम किया गया।

ड्रोन की निगरानी में कई जगह खुले मिले अवैध मुहाने

अवैध खनन की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सीआईएसएफ ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। 28 सितंबर को एरिया-03 में सुबह 11:10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कई संवेदनशील स्थानों की हवाई निगरानी की गई।

इस दौरान सलानपुर माइंस, ब्लॉक-4 ओसीपी, ब्लॉक-4सी ओरिएंटल, बहियारडीह स्थित एसआईएम-01 और एकेसी कोल डंप एवं वर्कशॉप क्षेत्र में स्थिति सामान्य मिली। हालांकि, ब्लॉक-4सी ओरिएंटल के हाई-वॉल क्षेत्र में कुछ बोरियां दिखाई दीं।

एरिया-12 के बसंतिमाता क्षेत्र में भी ड्रोन से निगरानी की गई। बसंतिमाता वर्कशॉप, सीडी-3 और कोल डंप में कोई असामान्य गतिविधि सामने नहीं आई। दूसरी ओर, कल्याणचक, पलासिया, कैथरडीह और जामदेही में अवैध खदानों और रैट होल के खुले मुहाने मिले। कुछ स्थानों पर गतिविधियां भी देखी गईं, हालांकि वहां कोयले का भंडारण नहीं पाया गया।

अवैध खदानों को बंद कराने के लिए पुलिस और बीसीसीएल के साथ संयुक्त अभियान

एरिया-12 में अवैध खनन से जुड़े खतरों को देखते हुए सीआईएसएफ ने स्थानीय पुलिस और बीसीसीएल की सुरक्षा टीम के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया।

28 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कंपनी कमांडर के नेतृत्व में पलासिया, जामदेही और कैथरडीह के संवेदनशील इलाकों में लोगों को अवैध खनन के खतरों से अवगत कराया गया। इस दौरान अवैध खदानों के खुले मुहानों को बंद करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बीसीसीएल की ओर से इन मुहानों की भराई के लिए जेसीबी उपलब्ध कराई जा रही है।

कई खदानों में ठप हुआ उत्पादन और परिवहन

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के बीच धनबाद कोयलांचल के कुछ क्षेत्रों में मजदूरों के विरोध के कारण खनन और परिवहन कार्य भी प्रभावित हुआ।

27 सितंबर को दोपहर करीब 2:35 बजे डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारियों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर हायर पैच माइंस में खनन और परिवहन कार्य बंद करा दिया। सूचना मिलने पर सीआईएसएफ ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और बीसीसीएल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत के बाद शाम करीब 4:30 बजे काम दोबारा शुरू हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर वहां सीआईएसएफ की क्यूआरटी-02 तैनात की गई।

इसी तरह 28 सितंबर को सुबह करीब आठ बजे आकाशकिनारी चेक पोस्ट पर लोकल सेल के मजदूरों और डीओ होल्डरों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके कारण आकाशकिनारी चेक पोस्ट और सलानपुर माइंस में खनन तथा कोयला परिवहन प्रभावित हुआ। प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद सुबह करीब 11:15 बजे कामकाज सामान्य हो गया।

खदान में महिलाओं का प्रवेश रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

एरिया-11 के अंतर्गत 4ए पैच माइंस में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। 28 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6:10 बजे तक खदान के ऊपरी हिस्से में सब-स्टेशन के पास अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई।

इस दौरान महिलाओं को खदान क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका गया। सीआईएसएफ के अनुसार, पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। एहतियात के तौर पर स्ट्राइकिंग रिजर्व पार्टी भी तैनात रही।

जमुनिया हाईवॉल में एस्केप रूट बनाने का काम जारी

बीके-II क्षेत्र में जमुनिया हाईवॉल के पास आपातकालीन निकासी मार्ग बनाने का काम भी किया जा रहा है। 27 सितंबर को दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ निर्माण कार्य शाम 7:30 बजे तक चला।

पोपलेन मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण होलपैक की मदद से ओवरबर्डन की लगभग दो ट्रिप सामग्री डाली गई। इस दौरान सीआईएसएफ के एक राजपत्रित अधिकारी, 11 अधीनस्थ अधिकारी और 80 अन्य जवानों सहित कुल 92 सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। अगले दिन भी मार्ग निर्माण का काम जारी रहा।

इसके अलावा 27 सितंबर को बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी) ने सिजुआ साइडिंग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उसी दिन निदेशक (सुरक्षा) ने भूमि माइंस व्यू प्वाइंट से खदान क्षेत्र का जायजा लिया और खदान के विस्तार तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दोनों निरीक्षणों के दौरान बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी और सीआईएसएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम मौजूद रही।

कोयला लदे वाहनों की जांच तेज, एम-परिवहन से दस्तावेजों का सत्यापन

कोयले के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सीआईएसएफ ने प्रमुख चेक पोस्ट, रेलवे साइडिंग, कोल डंप और परिवहन मार्गों पर विशेष जांच अभियान भी चलाया। वाहनों के दस्तावेजों की जांच के लिए एम-परिवहन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया।

सीआईएसएफ के अनुसार, सभी अभियानों के दौरान बीसीसीएल प्रबंधन, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखते हुए कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पूरी की गई।

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