मानसून के तीन महीने के विराम के बाद बेतला नेशनल पार्क एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गुरुवार से पलामू टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। स्थानीय बच्चियों और ‘बाघ-दीदियों’ ने फीता काटकर पार्क में पर्यटन गतिविधियों का शुभारंभ किया।
नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को किला कमलदह सर्किट घूमने का विकल्प मिलेगा। बाइसन गेट से जुड़े इस सर्किट में केवल ओपन गाइडेड सफारी की अनुमति होगी। नई व्यवस्था से स्थानीय गाइड, ड्राइवर और सफारी संचालकों को रोजगार के अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।
घर बैठे होगी सफारी की ऑनलाइन बुकिंग
पलामू टाइगर रिजर्व में नेतरहाट से केचकी तक के ईको-टूरिज्म स्थलों और सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं, पर्यटकों को झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखाने के लिए ‘महुआ टपरी’ और किला चेकनाका के पास स्थानीय खान-पान की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।

नए सत्र में पूरे रिजर्व को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। प्लास्टिक लेकर आने वाले पर्यटकों से कॉशन मनी ली जाएगी, जिसे नियमों का पालन करने पर वापस किया जाएगा। कचरा फैलाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वन्यजीवों को खाना खिलाने पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
QR कोड स्कैन करते ही कंट्रोल रूम से संपर्क
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ‘क्विक क्यूआर असिस्टेंट’ के माध्यम से सैलानी क्यूआर कोड स्कैन कर व्हाट्सऐप पर सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ सकेंगे। इससे शिकायत दर्ज कराने, सुझाव देने या जरूरत के समय सहायता मांगने में सहूलियत होगी।
वन विभाग ने पर्यटकों से जंगल की स्वच्छता बनाए रखने, वन्यजीवों को परेशान नहीं करने और सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। नई सफारी, डिजिटल सुविधाओं और सख्त पर्यावरणीय नियमों के साथ इस पर्यटन सत्र में बेतला में प्रकृति, रोमांच और स्थानीय संस्कृति का अनुभव एक साथ देने की तैयारी है।