झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरी घरेलू सामान की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि महंगाई अब केवल बाजार की चर्चा नहीं रह गई, बल्कि इसका असर सीधे लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर दिखाई दे रहा है।
आलोक दूबे ने खाद्य वस्तुओं की कीमतों का हवाला देते हुए कहा कि अरहर दाल के दाम करीब 100 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो, चना दाल 70 से 100 रुपये और उड़द दाल 120 से 140 रुपये किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसी तरह सरसों तेल 190 से बढ़कर 210 रुपये और सफोला तेल 240 से 280 रुपये लीटर तक पहुंचने का उन्होंने दावा किया।
कांग्रेस नेता ने मसालों की बढ़ती कीमतों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक छोटी इलायची 4,000 से 4,400 रुपये, बड़ी इलायची 2,400 से 2,800 रुपये, जीरा 360 से 400 रुपये और जावित्री 2,500 से 3,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। आलोक दूबे के अनुसार, जून में करीब 29.50 रुपये किलो रहने वाला प्याज सितंबर में 53.78 रुपये किलो तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की इन वस्तुओं के दाम बढ़ने का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है।

उन्होंने रसोई गैस की कीमतों में कथित बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। आलोक दूबे के दावे के मुताबिक दिल्ली में गैस की कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये, मुंबई में 63 रुपये की वृद्धि के साथ 2,764 रुपये, चेन्नई में 66.50 रुपये बढ़कर 2,983 रुपये और पटना में 71.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 3,100.50 रुपये तक पहुंच गई है।
आलोक दूबे ने कहा कि आय सीमित होने की स्थिति में खाद्य सामग्री और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर परिवारों के दूसरे खर्चों पर भी पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर केवल आंकड़ों के आधार पर स्थिति देखने के बजाय आम लोगों की आर्थिक परेशानियों पर ध्यान देने की अपील की।
कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता को आश्वासन के बजाय ऐसी नीतियों की जरूरत है, जिनसे घरेलू खर्च का दबाव कम हो और जरूरी वस्तुएं आम लोगों की पहुंच में बनी रहें।