रांची में दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीसी, एसएसपी, एसडीएम, एडीएम, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी और ट्रैफिक एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, आपातकालीन निकासी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े इंतजामों की मौके पर समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडाल परिसर के साथ आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था भी देखी। सीसीटीवी कैमरों की संख्या और उनकी कवरेज, खासकर सड़क की तरफ निगरानी, अग्निशमन इंतजाम और आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों की स्थिति की जांच की गई। पूजा समितियों को पर्याप्त निकासी मार्ग रखने के साथ पुरुष और महिला स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर जांच के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।
भीड़ बढ़ने पर बदलेगा ट्रैफिक प्लान
पूजा के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और बड़े पंडालों के आसपास वाहनों की आवाजाही तथा पार्किंग की संभावनाओं का जायजा लिया। भीड़ की स्थिति के अनुसार अलग-अलग मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है, ताकि पूजा स्थलों के आसपास जाम की स्थिति से बचा जा सके।

रेलवे स्टेशन, कोकर, बूटी मोड़ और लालपुर जैसे व्यस्त इलाकों में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बकरी बाजार और रामलीला मैदान में स्थापित होने वाले पंडालों के संबंध में भी अधिकारियों ने आपातकालीन निकास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर पूजा समितियों को जरूरी निर्देश दिए।
14 अक्टूबर से बढ़ेगी सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने पूजा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। 14 अक्टूबर से प्रमुख पूजा स्थलों और संवेदनशील भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी। खासकर पीक आवर्स में पुलिस और यातायात कर्मियों की मौजूदगी बढ़ाकर भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की योजना है।
प्रशासन की तैयारियों में अग्निशमन और मेडिकल सहायता के अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वयंसेवकों की भूमिका और आपातकालीन निकासी जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों ने पूजा समितियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी स्थिति में प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की है। शुक्रवार का निरीक्षण इसी व्यापक पूजा सुरक्षा योजना की तैयारियों को जमीन पर परखने की कवायद का हिस्सा रहा।