उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। वाराहघाट इलाके में स्थित एक आश्रम परिसर में शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद युवक को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 26 वर्षीय दीपक के तौर पर हुई है। दीक्षा लेने के बाद वे रसिक दुलारी शरण नाम से आश्रम से जुड़े हुए थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय वह केलिकुंज आश्रम से संबंधित गुरु कृपा कुंज परिसर की चौथी मंजिल पर मौजूद थे। इसी दौरान वह नीचे गिर गए।
घटना के तुरंत बाद आश्रम से जुड़े लोगों ने उन्हें इलाज के लिए सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मौत की वजह को लेकर कई सवाल
युवक की मौत के बाद मामला महज हादसे तक सीमित नहीं रह गया है। प्रारंभिक जांच के दौरान शरीर पर चोटों के निशान और कुछ अन्य परिस्थितियां पुलिस के लिए जांच का विषय बनी हैं। यही वजह है कि पुलिस आत्महत्या समेत अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। आश्रम परिसर में मौजूद कुछ वस्तुओं को भी जांच के लिए कब्जे में लिए जाने की जानकारी है। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि युवक चौथी मंजिल से किस परिस्थिति में नीचे गिरा और घटना से पहले वहां क्या हुआ था।
मोबाइल और डायरी की भी जांच
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और डायरी अपने कब्जे में ले ली है। इनके जरिए युवक के हालिया संपर्कों, बातचीत और मानसिक स्थिति से जुड़े संभावित संकेतों की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, पुलिस ने मध्य प्रदेश में रह रहे मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। परिजनों के वृंदावन पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 26 वर्षीय शिष्य की मौत हादसे का परिणाम थी, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी।