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समस्तीपुर के शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के अखतबारा गांव में 10 सितंबर की रात 55 वर्षीय पूनम देवी के घर हुई लूट और मारपीट की घटना की पुलिस ने जांच के बाद परतें खोलने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सिसई गांव निवासी शिवम कुमार शामिल है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में घटना की कथित साजिश में पूनम देवी की बड़ी बहू की भूमिका सामने आई है। अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।
रोसड़ा डीएसपी संजय कुमार सिन्हा ने शिवाजीनगर थाने में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जांच की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपितों तक पहुंची।
नकाब पहनकर घर में घुसे थे बदमाश
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात करीब 10 बजे पूनम देवी घर में अकेली थीं और टीवी देख रही थीं। इसी दौरान पीछे की ओर स्थित गाछी से होकर दो नकाबपोश व्यक्ति घर में दाखिल हुए। आरोप है कि दोनों ने महिला के साथ मारपीट की और विरोध करने पर पीवीसी पाइप का इस्तेमाल किया।
बदमाशों ने महिला के शरीर पर मौजूद आभूषण उतार लिए। इसके बाद चाबी लेकर आलमारी खोली और वहां रखे सामान को अपने कब्जे में कर लिया। वारदात के बाद दोनों छत की तरफ गए और पीछे की ओर से निकलकर फरार हो गए।
सास-बहू विवाद से जुड़ी साजिश का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शिवम कुमार ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की और पूनम देवी की बड़ी बहू को साजिश का मुख्य किरदार बताया। जांच में सास और बहू के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद की बात सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
पुलिस अब इस कथित विवाद और लूट की घटना के बीच संबंधों की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फरवरी में भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश का दावा
जांच के दौरान पुलिस को एक पुराने घटनाक्रम के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, फरवरी में भी पूनम देवी को नुकसान पहुंचाने की कथित योजना बनाई गई थी। पूछताछ में यह बात सामने आई कि शिवम को कथित तौर पर केमिकल लगी मिठाई के जरिए महिला को नुकसान पहुंचाने के लिए कहा गया था।

पुलिस के मुताबिक, शिवम को मिठाई पर संदेह हुआ और उसने उसे रास्ते में ही फेंक दिया। इस पुराने मामले से जुड़े तथ्यों की भी पुलिस अलग से पड़ताल कर रही है।
लूट के बाद हत्या की भी कथित योजना
पुलिस का कहना है कि वारदात के दौरान सिर्फ लूट तक सीमित रहने की योजना नहीं थी। पूछताछ में पूनम देवी का गला दबाकर हत्या करने की कथित साजिश की जानकारी मिलने का दावा किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि पहचान और सबूत छिपाने के लिए ग्लव्स इस्तेमाल करने की योजना थी, लेकिन आरोपितों को ग्लव्स नहीं मिल सके।
पर्ची समेत कई सामान पुलिस ने किया बरामद
जांच टीम ने मामले से जुड़े कई सामान बरामद किए हैं। इनमें सोने जैसे दिखने वाले कान के टॉप की एक जोड़ी, चांदी जैसी पायल की एक जोड़ी, पीड़िता का नोकिया कीपैड मोबाइल और घटना में इस्तेमाल किए जाने वाले ओप्पो तथा वीवो मोबाइल शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपित की शर्ट, चेहरे को ढकने के लिए इस्तेमाल किया गया गमछा और मारपीट में प्रयुक्त पीवीसी पाइप का टुकड़ा भी बरामद किया है।
जांच के दौरान घटनास्थल के पास से पांच पन्नों की एक कथित धमकी भरी पर्ची भी मिली। पुलिस के अनुसार, इसमें मुकदमा वापस नहीं लेने पर पूनम देवी, उनके बेटे और पोता-पोती को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस इस पर्ची को मामले में अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। वहीं, फरार आरोपितों की तलाश और लूटे गए बाकी सामान की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।