Tuesday, October 6, 2026
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IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय, 9 आरोपियों के खिलाफ चलेगा मुकदमा

by उर्वशी शेखर
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दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने कथित IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप तय कर दिए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार कुल 16 आरोपियों में से सात को आरोपों से मुक्त कर दिया गया, जबकि बाकी नौ के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया था। सीबीआई ने कथित तौर पर भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

टेंडर प्रक्रिया और जमीन के लेनदेन पर जांच का फोकस

ईडी के आरोपों के मुताबिक, लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते रांची और पुरी के BNR होटलों के प्रबंधन और संचालन का ठेका सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में टेंडर की शर्तों और मूल्यांकन को प्रभावित किया गया तथा इसके बदले पटना की कीमती जमीन का लेनदेन हुआ।

जांच के अनुसार, करीब दो एकड़ जमीन को डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर अपेक्षाकृत कम कीमत पर हस्तांतरित किया गया। यह कंपनी प्रेम चंद गुप्ता और उनके परिवार से जुड़ी थी। बाद में कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण के माध्यम से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास उसका नियंत्रण पहुंचा। वर्ष 2016 में इसी कंपनी का नाम बदलकर लारा प्रोजेक्ट्स किया गया।

ईडी ने इस जमीन को कथित अपराध से हासिल संपत्ति यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के तौर पर पेश किया है। अदालत के आदेश में भी कहा गया है कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर इस संपत्ति और संबंधित लेनदेन को लेकर आरोपों पर आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है।

16 में से 7 आरोपी हुए डिस्चार्ज

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले में कुल 16 आरोपियों की भूमिका पर विचार किया। इनमें से सात को आरोपों से मुक्त कर दिया गया, जबकि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित नौ आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 के साथ धारा 4 के तहत आरोप तय किए गए हैं।

ईडी ने वर्ष 2018 में राउज एवेन्यू जिला अदालत में इस मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत जांच के दौरान कुछ संपत्तियों को भी कुर्क किया था। मूल मामले में सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार और अन्य संबंधित आरोपों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।

अदालत ने आरोप तय करने के चरण में यह माना कि मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए इस स्तर पर अंतिम दोषसिद्धि जैसी कसौटी लागू नहीं होती। अब आरोपियों को औपचारिक आरोपों पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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