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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने आंतरिक बैठकों में कुछ विधायकों के आचरण और सार्वजनिक गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत हितों के कारण पार्टी या सरकार की छवि प्रभावित करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
नायडू ने कथित तौर पर नेताओं को राजनीतिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी। नरसरावपेट के विधायक चदलवाड़ा अरविंद बाबू से जुड़े एक विवाद का भी पार्टी स्तर पर संज्ञान लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, विधायक ने पलनाडु एसपी कार्यालय में एक मुद्दे को लेकर लंबे समय तक धरना दिया था, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले पर मुख्यमंत्री के सामने रिपोर्ट रखी।
इस घटनाक्रम के संदर्भ में नायडू ने नेताओं को चेताया कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि विधायकों का राजनीतिक भविष्य उनके आचरण और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
निलंबन तक की कार्रवाई का संकेत
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी की अनुशासन व्यवस्था को सक्रिय रखने और मामलों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकार या संगठन की प्रतिष्ठा प्रभावित करने वाले नेताओं के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
नायडू इससे पहले भी पार्टी नेताओं को विवादों से दूर रहने और सत्ता में रहते हुए अधिक जिम्मेदारी से व्यवहार करने की सलाह दे चुके हैं। मई 2026 में उन्होंने विधायकों को रेत, शराब और जुए से संबंधित गतिविधियों से किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव से बचने की चेतावनी भी दी थी।

मंत्रियों को योजनाओं का प्रचार-प्रसार बढ़ाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और पार्टी नेताओं से सरकार के कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया है। सितंबर 2026 में उन्होंने मंत्रियों से सरकार की पहलों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंचाने तथा युवाओं से बेहतर संवाद स्थापित करने को कहा था।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए। विपक्ष के आरोपों और कथित गलत सूचनाओं का जवाब तथ्यों के आधार पर देने की जिम्मेदारी भी पार्टी नेताओं को निभानी होगी।
सोशल मीडिया और आपसी विवादों पर भी नजर
TDP और सहयोगी दलों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर चलने वाले विवादों को लेकर भी हाल में नेतृत्व ने संयम बरतने की अपील की है। सितंबर में TDP और जनसेना ने अपने-अपने सोशल मीडिया समर्थकों से व्यक्तिगत हमलों से बचने और गठबंधन की एकता बनाए रखने को कहा था।
वहीं, विपक्षी YSR कांग्रेस (YSRCP) सरकार की नीतियों और चुनावी वादों को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है। पार्टी ने ‘सुपर सिक्स’ योजनाओं समेत सरकार की कार्यप्रणाली पर अपने आरोप लगाए हैं।
ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच नायडू का पार्टी नेताओं के आचरण और अनुशासन पर जोर TDP के भीतर संगठनात्मक नियंत्रण और सरकार की सार्वजनिक छवि को लेकर उनकी प्राथमिकता को दर्शाता है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट