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साइबर अपराध के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को एक और सफलता मिली है। करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सुंदरजोरी गांव में पुलिस ने छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों कथित तौर पर RTO ई-चालान के नाम पर लोगों को APK फाइल भेजकर उनके मोबाइल से गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और इसके बाद साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने सुंदरजोरी गांव में सोनू कुमार मंडल के घर पर कार्रवाई की, जहां से दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया।
ई-चालान के नाम पर भेजते थे फर्जी APK
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की कथित कार्यप्रणाली में लोगों के व्हाट्सऐप नंबर पर RTO ई-चालान से संबंधित संदेश भेजना शामिल था। संदेश के साथ APK फाइल दी जाती थी और उसे मोबाइल में डाउनलोड कर इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता था।
पुलिस का कहना है कि फाइल इंस्टॉल होने के बाद आरोपियों को पीड़ित के मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद कथित तौर पर ई-वॉलेट के जरिए रकम निकालकर ठगी की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, इस गतिविधि से जुड़े आरोपियों का नेटवर्क केवल जामताड़ा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में भी इसकी पहुंच होने की आशंका है।

चार मोबाइल और तीन सिम बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय गौतम कुमार मंडल, पिता बलराम मंडल और 19 वर्षीय सोनू कुमार मंडल, पिता रंजीत मंडल के रूप में हुई है। दोनों सुंदरजोरी गांव के रहने वाले हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस कथित साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी है।
साइबर थाना में केस दर्ज
मामले को लेकर साइबर अपराध थाना जामताड़ा में कांड संख्या 60/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के अलावा आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई में करमाटांड़ थाना प्रभारी सह साइबर अपराध थाना जामताड़ा के राजेश मंडल, साइबर थाना के पुष्पेश्वर दास और मनीष कुमार गुप्ता समेत रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस कथित साइबर ठगी के नेटवर्क की आगे की कड़ियां तलाश रही है।