Wednesday, October 7, 2026
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आठवले के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार, राकेश सिन्हा बोले- पहले बताएं केंद्र ने झारखंड के लिए क्या किया

by उर्वशी शेखर
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रांची, 4 सितंबर 2026। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले के झारखंड में सत्ता परिवर्तन और एनडीए सरकार बनने संबंधी बयान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि आठवले पहले केंद्र सरकार में अपने मंत्री पद का हिसाब दें और बताएं कि केंद्र ने झारखंड के लिए क्या किया है।राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड की जनता अपना जनादेश दे चुकी है। लोकतंत्र में सरकारें किसी केंद्रीय मंत्री के बयान या राजनीतिक कार्यालयों से नहीं, बल्कि जनता के वोट से बनती और बदलती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनादेश के रास्ते सत्ता हासिल नहीं कर पाने के बाद भाजपा झारखंड में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।उन्होंने कहा कि दलित और आदिवासी न्याय की बात करने से पहले रामदास आठवले को यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने झारखंड के आदिवासी, दलित, पिछड़े, किसान, युवा और मजदूरों के लिए पिछले वर्षों में क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने झारखंड की खनिज संपदा और उससे जुड़े राजस्व तथा राज्य के हिस्से को लेकर भी भाजपा नेताओं से जवाब मांगा।

छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ी है और किसी भी छात्र या युवा के साथ अन्याय का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि आठवले को यह भी बताना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है और केंद्र सरकार के रोजगार संबंधी वादों का क्या हुआ।राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड को माइनिंग हब बताने से राज्य की खनिज संपदा को लेकर भाजपा की प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन, जंगल, पानी और खनिज यहां की जनता की संपत्ति हैं। यदि केंद्र सरकार वास्तव में राज्य का औद्योगिक विकास चाहती है तो उसे लंबित केंद्रीय परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, रोजगार और बकाया राशि के मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आरक्षण और सामाजिक न्याय की बात करने वाले रामदास आठवले को केंद्र सरकार के उन फैसलों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिनसे वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के हित प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को केवल भाषण नहीं, बल्कि अधिकार, रोजगार, सम्मान और विकास चाहिए। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा और उसके केंद्रीय नेताओं को सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी करने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि झारखंड कोई राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और जनादेश को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।उन्होंने रामदास आठवले से कहा कि यदि वे झारखंड आए हैं तो जनता की आवाज सुनें, न कि भाजपा की सत्ता की भूख का संदेश लेकर आएं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि जनता उसके साथ है तो उसे संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव का इंतजार करना चाहिए।

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